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निवेश / एफडी का विकल्प हैं डाकघर की बचत योजनाएं, दो स्कीम्स में जमाराशि पर मिल रहा सालाना 8% से ज्यादा ब्याज



डाकघर (प्रतीकात्मक फोटो)। डाकघर (प्रतीकात्मक फोटो)।
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डाकघर (प्रतीकात्मक फोटो)।डाकघर (प्रतीकात्मक फोटो)।

  • डाकघर में उपलब्ध हैं 9 अलग-अलग बचत योजनाएं
  • दो योजनाओं पर मिल रहा 8% सालाना से ज्यादा ब्याज
  • सुकन्या समृद्धि योजना में परिपक्वता अवधि 21 साल

Dainik Bhaskar

Aug 22, 2019, 04:11 PM IST

बिजनेस डेस्क. लोगों में निवेश की आदत को बढ़ावा देने के लिए भारतीय डाक विभाग भी अलग-अलग तरह की नौ बचत योजनाएं चला रहा है। खास बात ये है कि रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट (नीतिगत दर) में की जा रही लगातार कटौती के बाद भी इन योजनाओं के तहत जमा राशि पर अच्छी दर से ब्याज दिया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक इस साल रेपो रेट में अबतक चार बार में 110 बेसिस अंकों की कटौती कर चुका है। इसके बाद भी डाक विभाग की कुल नौ बचत योजनाओं में से दो योजनाओं, 'सुकन्या समृद्धि खाता' और 'वरिष्ठ नागरिक बचत योजना' पर तो 8% सालाना से ज्यादा की दर पर ब्याज दिया जा रहा है। इनमें से बच्चियों के लिए बनी सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.4% की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है, वहीं वरिष्ठ नागरिक बचन योजना पर दिए जाने वाले ब्याज की दर 8.6% सालाना है। 

सुकन्या समृद्धि योजना

  1. ब्याज दर- 8.4% सालाना, परिपक्वता अवधि- 21 साल

    • भारत सरकार ने इस योजना की शुरुआत जनवरी 2015 में दस साल से छोटी बच्चियों के लिए की थी। इस योजना का मकसद लड़की के बड़े होने पर उसके माता-पिता को उसकी पढ़ाई या अन्य जरूरी खर्चों के लिए अच्छी खासी धनराशि मुहैया कराना है। इस योजना के तहत जमा राशि पर आयकर में छूट का लाभ भी मिलता है।
    • सुकन्या समृद्धि खाता योजना के तहत जमा राशि पर दिए जाने वाले ब्याज की दर केंद्र सरकार तय करती है और हर तीन महीने में वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित की जाती है। फिलहाल इस योजना में 8.4% सालाना दर (01/07/19) से ब्याज दिया जा रहा है।
    • सुकन्या समृद्धि योजना में तहत लड़की के माता-पिता या कानूनी अभिभावक, बच्ची के नाम पर खाता खोल सकते हैं। एक अभिभावक एक बच्ची के नाम पर सिर्फ एक खाता खुलवा सकते हैं, वहीं एक से ज्यादा बेटियां होने पर अधिकतम दो बेटियों के नाम पर खाते खोले जा सकते हैं।
    • इस योजना के तहत अधिकतम दस साल उम्र तक की लड़कियों के खाते खोले जा सकते हैं। योजना के तहत जमा कराई जाने वाली राशि की सालाना सीमा कम से कम एक हजार रुपए और अधिकतम डेढ़ लाख रुपए है।
    • सुकन्या समृद्धि खाते में एक बार में 100 रुपए जमा कराए जा सकते हैं। इस राशि को जमा कराने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। जितनी बार चाहे उतनी बार सौ-सौ रुपए के गुणांक में पैसे जमा कराए जा सकते हैं।
    • योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष के दौरान खाते में कम से कम 1000 रुपए की राशि जमा होना जरूरी है। इससे कम रकम जमा होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है। इसके बाद दोबारा खाते में राशि जमा कराने पर सालाना 50 रुपए के हिसाब से जुर्माना लगता है। खास बात ये है कि एक हजार रुपए की रकम एक साथ नहीं जमा कराना होती, बल्कि सालभर में जमा कुल रकम इतनी होनी चाहिए। 
    • योजना के तहत जमा रकम का कुछ हिस्सा लड़की की उम्र 18 साल पूरा होने के बाद निकाला जा सकता है। खाता धारक लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद पिछले वित्तीय वर्ष के अंत तक जमा हुई कुल राशि में से अधिकतम 50 प्रतिशत की रकम निकाली जा सकती है।
    • इस खाते की परिपक्वता अवधि 21 साल है। यानी खाता खुलवाने के 21 साल बाद ही ब्याज समेत पूरी रकम निकाली जा सकती है। हालांकि इससे पहले रकम निकलवाने के लिए लड़की की उम्र 18 साल होना जरूरी है। 
    • दूसरी कंडीशन में खाता खुलवाने के 18 साल पूरे होने के बाद भी उसे बंद कराते हुए पूरी रकम निकाली जा सकती है। लेकिन ऐसा तभी हो सकता है जबकि लड़की की शादी हो चुकी हो। दो स्थितियों के अलावा किसी स्थिति में इस योजना से पूरी धनराशि नहीं निकाली जा सकती।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना

  1. ब्याज दर- 8.6% सालाना, परिपक्वता अवधि- 5 साल

    • ​​इस योजना के तहत 60 या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति खाता खुलवा सकते हैं। इसके अलावा 55 साल से ज्यादा और 60 साल से कम उम्र के वो व्यक्ति जो वरिष्ठता अथवा वीआरएस के तहत सेवानिवृत्त हो चुके हों, वो भी सेवानिवृत्ति लाभ (retirement benefits) मिलने के एक महीने के भीतर खाता खुलवा सकते हैं। लेकिन इसमें जमा धनराशि उनके सेवानिवृत्ति लाभ की राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।​
    • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के तहत खोले गए खाते में 1000 रुपए के गुणांक में सिर्फ एक बार राशि जमा की जा सकती है और वो रकम 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती।
    • इस योजना के तहत जमा राशि की परिपक्वता अवधि 5 साल है। एक जमाकर्ता व्यक्तिगत या संयुक्त रूप से जीवनसाथी (पति/पत्नी) के साथ एक से अधिक खाते संचालित कर सकता है।​ संयुक्त खाता केवल जीवनसाथी (पति/पत्नी) के साथ खोला जा सकता है और संयुक्त खाते में पहला जमाकर्ता निवेशक होगा।​
    • 1 लाख रुपए से कम धनराशि के लिए नगद रकम से खाता खुलवाया जा सकता है, वहीं 1 लाख रुपए से ज्यादा की राशि के लिए केवल चेक द्वारा खाता खुलता है। चेक के मामले में सरकारी खाते में चेक प्राप्त होने की तारीख ही खाता खोलने की तारीख होगी।
    • खाता खोलने के समय तथा खाता खोलने के बाद भी नामांकन की सुविधा उपलब्ध रहती है​। साथ ही इस खाते को एक डाकघर से दूसरे डाकघर में स्थानांतरित किया जा सकता है​।
    • किसी भी डाकघर में अनगिनत वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के खाते खोले जा सकते हैं।​ बशर्ते सभी खातों की शेष धनराशि जोड़ने पर अधिकतम निवेश सीमा के अधीन हो।  
    • पीडीसी या मनी ऑर्डर के जरिए उसी डाकघर के बचत खाते में स्वतः जमा प्रणाली (ऑटो क्रेडिट) के माध्यम से ब्याज जमा करवाया जा सकता है।
    • SCSS (वरिष्ठ नागरिक जमा योजना) खातों के मामले में, त्रैमासिक ब्याज अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के प्रथम कार्य दिवस पर देय होगा। यह सभी सीबीएस (कोर बैंकिंग सोल्युशन) डाकघरों पर लागू होगा।
    • सीबीएस डाकघरों में खुले SCSS (वरिष्ठ नागरिक जमा योजना) खातों का त्रैमासिक ब्याज किसी भी अन्य सीबीएस डाकघर के किसी भी बचत खाते में जमा किया जा सकता है।
    • इस योजना की परिपक्वता अवधि 5 साल है, हालांकि एक साल या दो साल बाद भी कुछ कटौती के साथ वक्त से पहले खाते को बंद करवाया जा सकता है। एक साल बाद खाता बंद करने पर कुल जमा राशि की 1.5% और दो साल बाद खाता बंद कराने पर कुल जमा राशि की 1% कटौती होगी।
    • परिपक्वता अवधि (पांच साल) पूरे होने के बाद इस तरह के खाते को अगले तीन और सालों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए परिपक्वता अवधि पूरा होने के सालभर के भीतर निर्धारित प्रारूप में आवेदन देना होता है। ऐसे मामलों में, विस्तार अवधि का एक वर्ष बीतने के बाद ये खाता कभी भी, किसी कटौती के बिना बंद किया जा सकता है।
    • यदि इस तरह के खाते पर मिलने वाली ब्याज की राशि दस हजार रुपए वार्षिक से अधिक होती है तो टीडीएस की कटौती ब्याज के स्रोत पर ही की जाती है। वहीं इस योजना के अंतर्गत, 1 जुलाई 2007 से आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के लाभ के लिए निवेश किया जा सकता है।​
    • इस योजना के तहत खोले गए खातों में देय ब्याज की दर फिलहाल 8.6% सालाना (1 जुलाई 2019 से) है। इस योजना के तहत जमा की गई राशि पर पहली बार ब्याज, खाते में रकम जमा करने के बाद आने वाली पहली 31 मार्च/30 सितंबर/31 दिसंबर को देय होता है और इसके बाद 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को देय होता है।

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