GDP अनुमान:इंडिया रेटिंग्स ने FY21 GDP का अनुमान सुधारा, कहा महामारी का असर घटने से 7.8% तक ही रहेगी आर्थिक गिरावट

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
घरेलू रेटिंग एजेंसी ने इससे पहले जारी किए गए अनुमान में कहा था कि इस कारोबारी साल में GDP में 11.8% की गिरावट रहेगी - Dainik Bhaskar
घरेलू रेटिंग एजेंसी ने इससे पहले जारी किए गए अनुमान में कहा था कि इस कारोबारी साल में GDP में 11.8% की गिरावट रहेगी
  • एजेंसी ने कहा कि इस कारोबारी साल की दूसरी तिमाही में जो रिकवरी हुई है, उसमें ज्यादा योगदान फेस्टिव डिमांड और अनलॉक के बाद खुली मांग का है
  • सितंबर तिमाही में GDP में सिर्फ 7.5% गिरावट रही, पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में GDP 23.9% घट गई थी

दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रिकवरी और महामारी के प्रकोप तेजी से घटने का हवाला देते हुए घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने गुरुवार को इस कारोबारी साल के लिए देश के अपने GDP अनुमान में सुधार किया। एजेंसी ने कहा कि कारोबारी साल 2020-21 में देश की अर्थव्यवस्था में 7.8 फीसदी गिरावट रह सकती है। एजेंसी ने इससे पहले जारी किए गए अनुमान में कहा था कि इस कारोबारी साल में GDP में 11.8 फीसदी की गिरावट रहेगी।

एजेंसी ने हालांकि यह भी कहा कि इस कारोबारी साल की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जो रिकवरी हुई है, उसमें ज्यादा योगदान फेस्टिव डिमांड और अनलॉक के बाद खुली मांग का है। सितंबर तिमाही में GDP में सिर्फ 7.5 फीसदी गिरावट रही। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में GDP 23.9 फीसदी घट गई थी।

दिसंबर में GDP में 0.8% गिरावट रह सकती है

एजेंसी ने कहा कि वैक्सीनेशन के बिना महामारी के असर से छुटकारा नहीं मिलेगा, लेकिन आर्थिक एजेंटों ने नए हालात के साथ जीना सीख लिया है। तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP में 0.8 फीसदी गिरावट रह सकती है और चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2021) में GDP में 0.3 फीसदी का ग्रोथ हो सकता है। पहले के अनुमान में एजेंसी ने कहा था कि दूसरी तिमाही में इकॉनोमी ग्रोथ के दायरे में आ जाएगी।

अगले कारोबारी साल 2021-22 में GDP में 9.6% विकास दर्ज हो सकती है

एजेंसी के चीफ इकॉनोमिस्ट देवेंद्र पंत ने रिपोर्ट में कहा कि इस कारोबारी साल में GDP में 7.8 फीसदी गिरावट रह सकती है। इस कारोबारी साल के कमजोर बेस के कारण अगले कारोबारी साल 2021-22 में GDP में 9.6 फीसदी विकास दर्ज हो सकती है। एजेंसी ने कहा कि इस कारोबारी साल में कृषि और कंस्ट्रक्शन सेक्टर्स में 3.5 फीसदी विकास होगा, जबकि इंडस्ट्री सेक्टर में 10.3 और सर्विस सेक्टर में 9.8 फीसदी गिरावट होगी।

2020-21 में औसत खुदरा महंगाई दर 6.8% रहने का अनुमान

इस कारोबारी साल में सरकार के खर्च में 3.3 फीसदी और निर्यात में 7.9 फीसदी गिरावट आ सकती है। दूसरी तिमाही में सरकार के खर्च में 22.2 फीसदी गिरावट रही, जबकि पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन व डिफेंस का ग्रॉस वैल्य एडेड 12.2 फीसदी कम रहा। एजेंसी के मुताबिक 2020-21 में औसत खुदरा महंगाई दर 6.8 फीसदी और थोक महंगाई दर (-)0.3 फीसदी रह सकती है। इसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास मुख्य ब्याज दर में बदलाव की बहुत कम गुंजाइश रहेगी।

7% वित्तीय घाटा का अनुमान

एजेंसी के मुताबिक FY21 में वित्तीय घाटा GDP के 7 फीसदी के बराबर रहेगा। चालू खाता (करेंट अकाउंट) में GDP के 1.1 फीसदी के बराबर सरप्लस रह सकता है। एजेंसी ने साथ ही कहा कि इस कारोबारी साल में कैपिटल अकाउंट में भी 67.3 अरब डॉलर का सरप्लस रह सकता है। बजट में वित्तीय घाटा का अनुमान GDP का 3.5 फीसदी रखा गया है।