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इसलिए उछल रहा है बाजार:जून तिमाही में निफ्टी की कंपनियों का कुल प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 40% घट गया, इसके बावजूद यह विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर रहा

नई दिल्ली9 महीने पहले
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महामारी में कंपनियों ने लागत घटाकर बैलेंस शीट को ज्यादा खराब होने से बचाया, वहीं विश्लेषकों ने भी जनवरी के मुकाबले अपने प्रॉफिट अनुमान को 20% घटा दिया, इसलिए खराब तिमाही नतीजा के बावजूद कंपनियों का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा - Dainik Bhaskar
महामारी में कंपनियों ने लागत घटाकर बैलेंस शीट को ज्यादा खराब होने से बचाया, वहीं विश्लेषकों ने भी जनवरी के मुकाबले अपने प्रॉफिट अनुमान को 20% घटा दिया, इसलिए खराब तिमाही नतीजा के बावजूद कंपनियों का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा
  • पिछली तिमाही में निफ्टी की 47 कंपनियों का कुल प्रॉफिट गत एक दशक में सबसे खराब रहा
  • इनमें से दो-तिहाई कंपनियों का प्रॉफिट विश्लेषकों के अनुमान के जैसा या उससे बेहतर रहा

आपने कभी यह उम्मीद नहीं करेंगे कि कंपनियों का प्रॉफिट एक दशक में सबसे खराब रहे और इसके बावजूद बाजार के विश्लेषकों को कंपनियों के परफॉर्मेंस से खुशी मिले। कोरोनावायरस महामारी के कारण भारत में आज ऐसा ही हो रहा है। इसका कारण यह है कि खराब प्रदर्शन के बावजूद कंपनियों का प्रॉफिट विश्लेषकों की उम्मीद से बेहतर रहा है।

जून 2020 में निफ्टी की 47 कंपनियों का कुल प्रॉफिट एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 40 फीसदी घट गया है। इसके बावजूद इनमें से दो-तिहाई कंपनियों का प्रॉफिट विश्लेषकों के अनुमान के जैसा या उससे बेहतर रहा है। आईआईएफएल के रिसर्च प्रमुख अभिमन्यु सोफत ने कहा कि हकीकत तो यह है कि हमने इस तिमाही को राइट ऑफ कर दिया था, लेकिन निफ्टी की अधिकतर कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर रिजल्ट दिया है।

कंपनियों का परफॉर्मेंस उतना खराब नहीं, जितना डर था

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के अन्य बड़े बाजारों से अलग भारतीय कंपनियों का परफॉर्मेंस उतना खराब नहीं रहा, जितनी खराब रहने की आशंका जताई गई थी। क्योंकि जहां कंपनियों ने अपनी लागत में कमी लाई, वहीं अर्निंग सीजन शुरू होने से पहले विश्लेषकों ने भी अपने अनुमान में भी कटौती की। कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण और स्लो रिकवरी को देखते हुए विश्लेषकों ने निफ्टी में शामिल कंपनियों के 12 महीने के प्रॉफिट का अनुमान जनवरी के मुकाबले 20 फीसदी घटा दिया है।

अगले साल कंपनियों की आय में संभावित रिकवरी के हिसाब से अभी ही एडजस्ट हो चुके हैं बाजार

मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख गौतम दुग्गड़ ने कहा कि इस कारोबारी साल की दूसरी छमाही में यदि स्थिति में सुधार होता है, तब भी अधिक से अधिक यही होगा कि प्रॉफिट पिछले कारोबारी साल के जैसा ही रहेगा। कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण और कुछ राज्यों में दूसरे चरण के लॉकडाउन के कारण इन कंपनियों के प्रॉफिट के पिछले कारोबारी साल के मुकाबले कम रहने की ही आशंका ज्यादा है। बाजार में शॉर्ट टर्म की अनिश्चितताओं को देखते हुए कुछ ब्रोकर्स ने दो साल का प्राइस टार्गेट देना शुरू कर दिया है। कुछ ब्रोकर्स का कहना है कि अगले अप्रैल से शुरू होने वाले कारोबारी साल में कंपनियों की आय में होने वाली रिकवरी के हिसाब से कंपनियों के शेयर भाव अभी ही एडजस्ट हो चुके हैं।

अभी तक निफ्टी की सिर्फ 3 कंपनियों ने जून तिमाही का नतीजा जारी नहीं किया

अभी तक निफ्टी की सिर्फ 3 कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी नहीं किए हैं। इनमें कोल इंडिया, ओएनजीसी और जी एंटरटेनमेंट शामिल हैं। महामारी को देखते हुए नियामक ने कंपनियों को जून तिमाही का नतीजा 15 सितंबर तक जारी करने की सुविधा दे रखी है। नतीजा प्रकाशित करने वाल कंपनियों में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी भी शामिल है, जिसने 31 जुलाई को निफ्टी में वेदांता को रिप्लेस किया है। निफ्टी में सोमवार को 0.72 फीसदी की तेजी रही।

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