• Hindi News
  • Business
  • Indian Market Will Attract Foreign Investors In New Year Also, FII Can Record Investment

FII का निवेश:नए साल में भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगा भारतीय बाजार, FII कर सकते हैं रिकॉर्ड निवेश

मुंबईएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • विदेशी निवेशकों ने नवंबर में 60 हजार 358 करोड़ रुपए और दिसंबर में 62 हजार 16 करोड़ रुपए का निवेश किया है
  • 2020 में डेट बाजार से इन निवेशकों ने 1.04 लाख करोड़ रुपए निकाले भी हैं, लेकिन दिसंबर में यह आंकड़ा पॉजिटिव रहा है

भारत के इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशकों (FII) का पॉजिटिव रुझान इस साल में भी बने रहने की उम्मीद है। नवंबर और दिसंबर की तर्ज पर जनवरी में भी वे रिकॉर्ड निवेश कर सकते हैं। विदेशी निवेशकों ने नवंबर में 60 हजार 358 करोड़ रुपए और दिसंबर में 62 हजार 16 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

FII ने 2020 में 1.70 लाख करोड़ रुपए लगाए

भारतीय इक्विटी मार्केट में विदेशी निवेशकों की रुचि 2020 में लगभग पूरे साल बनी रही। इस वर्ष जनवरी से दिसंबर के दौरान इन्होंने 1 लाख 70 हजार 262 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया है। इससे पहले 2019 में इक्विटी बाजार में कुल 1 लाख 1 हजार 122 करोड़ का निवेश था। हालांकि 2020 में डेट बाजार से इन निवेशकों ने 1.04 लाख करोड़ रुपए निकाले भी हैं, लेकिन दिसंबर में यह आंकड़ा पॉजिटिव रहा है और करीबन 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है।

तीसरी तिमाही में कंपनियों के नतीजों में सुधार की उम्मीद

अगले हफ्ते से तीसरी तिमाही के रिजल्ट आने शुरू होंगे। ऐसा माना जा रहा है कि यह रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रहेंगे। आनंद राठी सिक्योरिटीज के नरेंद्र सोलंकी कहते हैं कि तीसरी तिमाही के रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं। इसका कारण यह है कि तीसरी तिमाही में सब कुछ खुल गया है। अर्थव्यवस्था में कोई लॉकडाउन नहीं है। ऐसे में जब रिजल्ट बेहतर आएगा तो विदेशी निवेशक भी अपना निवेश बढ़ाएंगे।

सभी इंडिकेटर बेहतर, इसलिए विदेशी निवेश बढ़ेगा

कोटक म्यूचुअल फंड के एमडी निलेश शाह कहते हैं कि विदेशी निवेशकों का रुझान 2021 में भी अच्छा रहेगा। हमें लगता है कि उनकी तरफ से निवेश में तेजी जारी रहेगी। वे कहते हैं कि नवंबर और दिसंबर हमारे लिए बहुत ही बेहतर रहा है। चाहे विदेशी निवेश हो, शेयर बाजार का रिटर्न हो या फिर दूसरे इंडिकेटर, सब कुछ अच्छा रहा है। ऐसे में एफआईआई का निवेश आगे भी पॉजिटिव बना रहेगा।

सोलंकी कहते हैं कि तीसरी तिमाही के रिजल्ट अच्छे आने की तो उम्मीद है ही, चौथी तिमाही उससे भी बेहतर होगी। साथ ही सरकार अब जनवरी से विनिवेश के कार्यक्रम को भी तेज करेगी। इससे सरकार के पास पैसे आएंगे तो खर्च भी बढ़ेंगे। जनवरी से मार्च की तिमाही में सरकार कई कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।

बिजली, पेट्रोल-डीजल, घरों की बिक्री में बढ़ोतरी

भारतीय अर्थव्यवस्था अब कोरोना महामारी के प्रभाव से निकल कर धीरे-धीरे रिकवरी कर रही है। इसका संकेत इस बात से भी मिलता है कि पिछले दो महीनों से जीएसटी कलेक्शन लगातार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनियों का मुनाफा 1.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा है। बिजली, पेट्रोल और डीजल की खपत कोरोना के पहले स्तर पर पहुंच गए हैं। कुछ शहरों में रियल्टी की अच्छी बिक्री भी हुई है। इसलिए शेयर बाजार भी ऑल टाइम हाई पर है।