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रिपोर्ट:चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 16.5 प्रतिशत की आ सकती है गिरावट-एसबीआई इकोरैप

मुंबईएक वर्ष पहले
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जीडीपी में आई कुल गिरावट में 73.8 प्रतिशत हिस्सदारी सबसे अधिक जीडीपी वाले शीर्ष 10 बड़े राज्यों की है - Dainik Bhaskar
जीडीपी में आई कुल गिरावट में 73.8 प्रतिशत हिस्सदारी सबसे अधिक जीडीपी वाले शीर्ष 10 बड़े राज्यों की है
  • बड़ी कंपनियों ने लागत में कटौती कर रेवेन्यू को कम होने से बचाया है
  • देश में प्रति व्यक्ति की आय में 27 हजार रुपए की आई कमी

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून के दौरान देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 16.5 प्रतिशत घट सकती है। यह जानकारी एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में दी गई है। हालांकि मई में इसी रिपोर्ट में जीडीपी में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट की बात कही गई थी।

कंपनियों के राजस्व में आई गिरावट

सोमवार को जारी इकोरैप में अनुमान में बदलाव किया गया है। एसबीआई ने रिपोर्ट में कहा कि जीडीपी में 16.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। जहां तक लिस्टेड कंपनियों के रिजल्ट का सवाल है, पहली तिमाही के नतीजों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2021 में राजस्व में गिरावट के मुकाबले इन कंपनियों के कॉर्पोरेट जीवीए (corporate GVA) में कम गिरावट आई है।

एक हजार कंपनियों ने जारी किए रिजल्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक करीब 1000 कंपनियों ने पहली तिमाही के नताजे जारी किए हैं। इनमें टॉप कंपनियों की ग्रॉस आय में 25 प्रतिशत और शुद्ध लाभ में 55 प्रतिशत तक की कमी आई है। जबकि इनके कॉर्पोरेट जीवीए में सिर्फ 14.1% की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी लिस्टेड कंपनियों ने कॉस्ट कटिंग करके अपने रेवेन्यू को कम होने से बचाया है। इससे उनके मार्जिन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।

दूसरी तिमाही में रिकवरी दिखेगी

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में अच्छी रिकवरी दिखेगी। साथ ही तीसरी और चौथी तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर अच्छी रहेगी। राज्यों के नुकसान के बारे में कहा गया है कि जीडीपी में आई कुल गिरावट में 73.8 प्रतिशत हिस्सदारी सबसे अधिक जीडीपी वाले शीर्ष 10 बड़े राज्यों की है। इसमें महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 14.2 फीसदी, तमिलनाडु की 9.2 फीसदी और गुजरात की 8.4 फीसदी और उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8.2 फीसदी है।

एसबीआई के अर्थशास्त्री ने रिपोर्ट में कहा है कि देश में प्रति व्यक्ति आय में 27,000 रुपए की कमी आई है। लेकिन तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, दिल्ली, हरियाणा और गोवा में प्रति व्यक्ति आय 40,000 तक कम हुई है।

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