उद्योग में रिकवरी का संकेत:औद्योगिक विकास दर सितंबर में महज 0.2% रही, हालांकि 7 माह के बाद उद्योग क्षेत्र में दिखा विकास

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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पिछले साल सितंबर में IIP में 4.6% गिरावट रही थी - Dainik Bhaskar
पिछले साल सितंबर में IIP में 4.6% गिरावट रही थी
  • IIP के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 0.6% गिरावट रही
  • खनन क्षेत्र का उत्पादन हालांकि 1.4% बढ़ा
  • बिजली उत्पादन 4.9% बढ़ा

खनन और बिजली उत्पादन में अच्छी तेजी के बाद भी समूचे औद्योगिक क्षेत्र की विकास दर सितंबर में महज 0.2 फीसदी रही। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हालांकि 7 महीने बाद उद्योग क्षेत्र विकास के दायरे में आया है। इसे महामारी प्रभावित अर्थव्यवस्था में रिकवरी का संकेत समझा जा सकता है।

इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्र्रियल प्रॉडक्शन (IIP) के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 0.6 फीसदी गिरावट रही। खनन क्षेत्र का उत्पादन हालांकि 1.4 फीसदी बढ़ा। बिजली उत्पादन 4.9 फीसदी बढ़ा। पिछले साल सितंबर में IIP में 4.6 फीसदी गिरावट रही थी।

पहली छमाही में 21.1% गिरा उद्योग क्षेत्र

इस कारोबारी साल की पहली छमाही में यानी, अप्रैल से सितंबर तक की अवधि में औद्योगिक उत्पादन साल-दर-साल आधार पर 21.1 फीसदी गिरा है। एक साल पहले की समान छमाही में औद्योगिक उत्पादन 1.3 फीसदी बढ़ा था। गत छमाही मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 23.6 फीसदी गिरावट रही। इसी तरह माइनिंग में 15.3 फीसदी और पावर सेक्टर में 8 फीसदी गिरावट रही।

सबसे ज्यादा तेजी वाले 5 सेक्टर

सेक्टरतेजी (%)
मैन्यूफैक्चर ऑफ रबर एंड प्लास्टिक्स प्रॉडक्ट्स9.1
मैन्यूफैक्चर ऑफ अदर ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट7.7
मैन्यूफैक्चर ऑफ फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल केमिकल एंड बोटैनिकल प्रॉडक्ट्स7
मैन्यूफैक्चर ऑफ फैब्रिकेटेड मेटल प्रॉडक्ट्स, एक्सेप्ट मशीनरी एंड इक्विपमेंट6.1

मैन्यूफैक्चर ऑफ केमिकल्स एंड केमिकल प्रॉडक्ट्स

5.1

सबसे ज्यादा गिरावट वाले 5 सेक्टर

सेक्टरगिरावट (%)
अदर मैन्यूफैक्चरिंग25.7
प्रिंटिंग एंड रिप्रॉडक्शन ऑफ रिकॉर्डेड मीडिया20.1
वुड एंड प्रॉडक्ट्स ऑफ वुड एंड कॉर्क एक्सेप्ट फर्नीचर, मैन्यूफैक्चर ऑफ आर्टिकल्स ऑफ स्ट्रॉ एंड प्लेटिंग मटीरियल्स15.4
मैन्यूफैक्चर ऑफ बेवरेजेज15.3

मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ वियरिंग अपैरल

14.1

पाबंदियों में ढील के साथ आर्थिक गतिविधियों में धीरे-धीरे आ रही तेजी

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाबंदियों ढील दिए जाने के बाद आर्थिक गतिविधियों में धीरे-धीरे तेजी आ रही है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि महामारी के बाद के IIP आंकड़े की तुलना महामारी से पहले के IIP आंकड़े के साथ करना उचित नहीं होगा।