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इन्फ्लेशन टार्गेट बैंड अगले 5 साल के लिए भी अच्छा:RBI ने कहा 2-6% के महंगाई टार्गेट की निरंतर समीक्षा होनी चाहिए

नई दिल्ली7 महीने पहले
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RBI खुदरा महंगाई दर 2% घट-बढ़ के साथ 4% रखने की कोशिश करता है - Dainik Bhaskar
RBI खुदरा महंगाई दर 2% घट-बढ़ के साथ 4% रखने की कोशिश करता है
  • 2016 में RBI ने मीडियम टर्म फ्लेक्सिबल इन्फ्लेशन टार्गेटिंग फ्रेमवर्क स्वीकार किया था
  • मौजूदा नियमों के मुताबिक महंगाई के टार्गेट बैंड की समीक्षा हर 5 साल पर की जाती है

भारत का मीडियम टर्म इन्फ्लेशन टार्गेट अगले 5 साल के लिए भी अच्छा है। यह बात शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कही गई। इस टार्गेट के तहत RBI खुदरा महंगाई दर को 2-6% के दायरे में रखने की कोशिश करता है और मध्यावधि में 4% की खुदरा महंगाई दर टार्गेट रखता है।

RBI ने 2016 में मीडियम टर्म फ्लेक्सिबल इन्फ्लेशन टार्गेटिंग फ्रेमवर्क स्वीकार किया था। ईंधन व खाद्य कीमतों के कारण होने वाली ऊंची महंगाई को काबू में करना इसका लक्ष्य है। नियमों के मुताबिक टार्गेट बैंड की समीक्षा हर 5 साल पर की जाती है।

RBI खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखकर ही अपनी मौद्रिक नीति तय करता है

RBI ने रिपोर्ट में कहा कि हर एक निश्चित अंतराल में खुदरा महंगाई के टार्गेट की समीक्षा होनी चाहिए, चाहे भले ही कानूनन इसकी जरूरत न हो। यह समझने की जरूरत है कि अगले 5 साल के लिए टार्गेट रेंज तय करते समय भविष्य में होने वाले संरचनागत बदलावों और आर्थिक झटको का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। RBI खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखकर ही अपनी मौद्रिक नीति तय करता है।

8 महीने बाद खुदरा महंगाई दर दिसंबर में घटकर RBI के टार्गेट बैंड में वापस आई

दिसंबर 2020 में खुदरा महंगाई दर RBI के 2-6% के सुविधाजनक दायरे में आ गई है। इससे पहले लगातार 8 महीने से यह इस टार्गेट बैंड से ऊपर चल रही थी। क्योंकि कोरोनावायरस महामारी और लॉकडाउन के कारण आपूर्ति श्रृखला गड़बड़ हो गई थी।