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गाड़ियों के लिए बीमा कवर होगा महंगा:बंपर टू बंपर नियम से 10% बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम, 13 सितंबर को होगा फैसला

मुंबई3 महीने पहले
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आने वाले महीनों में नए वाहनों को खरीदना 10% तक महंगा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बीमा पॉलिसी की डिजाइन और मोटर कवर के मौजूदा जोखिम मॉडल में परिवर्तन होने की संभावना है।

हाईकोर्ट का फैसला

मद्रास हाईकोर्ट (HC) ने एक फैसला दिया है। इसके अनुसार, वाहन मालिकों को अब अनिवार्य 'बंपर टू बंपर' कवर खरीदना होगा। इसका मतलब यह है कि अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा पॉलिसीज के साथ, ग्राहकों को मोटर ओन-डैमेज (OD) बीमा भी खरीदना होगा। साथ ही सह-यात्रियों के लिए दुर्घटना कवर भी खरीदना होगा।

ऐतिहासिक फैसला है

बीमा इंडस्ट्री का कहना है कि डीलरशिप पर पेश किया जाने वाला नया मोटर पैकेज, मौजूदा थर्ड पार्टी कीमतों के प्रीमियम का कम से कम तीन गुना हो सकता है। इंडस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि यह एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला है जो भारत में बीमा की पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करेगा। बीमा इंडस्ट्री ने रेगुलेटर्स से मुलाकात की है। साथ ही नए नियमों को लागू करने पर कानूनी राय मांगी है। कोर्ट के फैसले से प्राइसिंग में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। क्योंकि क्लेम्स की तादाद जरूर बढ़ेगी। इसके साथ ही पांच साल की लॉक-इन पीरियड बीमा कंपनियों के लिए हानि अनुपात (loss ratio) को जानना और भी मुश्किल हो जाएगा।

ओन डैमेज बीमा भी है एक कवर

ओन डैमेज एक बीमा कवर है जो आपको अपने वाहन को हुए घाटे जैसे आग, चोरी आदि से बचाता है। थर्ड पार्टी कवर वे होते हैं जो दुर्घटना की स्थिति में अन्य वाहनों को हुए नुकसान पर लायबिलिटी को कवर करते हैं। वर्तमान में, वाहन खरीदते समय केवल थर्ड-पार्टी कवर अनिवार्य है।

बीमा कंपनियों ने फैसले का स्वागत किया है

स्वस्तिका इंश्योरेंस ब्रोकिंग सर्विसेस के वाइस प्रेसीडेंट जितेंद्र सिंह कहते हैं कि मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का सभी बीमा कंपनियों ने स्वागत किया है। साल 2020 में थर्ड पार्टी के लिए लांग टर्म पॉलिसी को पेश किया गया था। हालांकि ओन डैमैज के लिए यह अनिवार्य नहीं था और इसे केवल एक साल के लिए रखा गया था।

बंपर टू बंपर के रूप में ओन डैमेज

ओन डैमेज कवर आम तौर पर बंपर टू बंपर कवर के रूप में जाना जाता है। हमारे नजरिए से यह बीमा इंडस्ट्री का दूसरा सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल है और साथ ही घाटे वाला सेगमेंट है। बंपर टू बंपर कवर न केवल बीमा कंपनी के लिए प्रीमियम जुटाने में मदद करेगा, बल्कि यह ग्राहकों को सुरक्षा भी देगा।

60% गाड़ियां अभी भी बीमा के दायरे में नहीं

इंडस्ट्री रेशियो के मुताबिक, कुल गाड़ियों में से 60% गाड़ियां अभी भी बीमा के दायरे में नहीं हैं। बाकी 40% गाड़ियों में 60% गाड़ियां केवल थर्ड पार्टी के कवरेज के दायरे में हैं। इस नए नियम के साथ प्रीमियम की रेंज नई चार पहिया गाड़ियों के लिए 50 हजार रुपए तक बढ़ सकती है। जबकि दो पहिया वाहनों के लिए 7 हजार रुपए प्रीमियम में बढ़त हो सकती है। इस पहल से इंडस्ट्री को रफ्तार मिलेगी।

13 सितंबर को होगा फैसला

हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने जनरल इंश्योरेंस काउंसिल, बीमा रेगुलेटर IRDAI और पुलिस कमिश्नर को 13 सितंबर को तलब किया है, ताकि इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सके। दूसरी ओर, बीमा कंपनियां इसके लिए 90 दिन का समय मांगी हैं, ताकि वे नए प्रोडक्ट को फाइल कर सकें। बीमा का प्रीमियम बढ़ने से ग्राहकों की जेब पर असर होगा। इसका असर यह भी हो सकता है कि समय पर लोग प्रीमियम का रिन्यूअल न करें और बीमा भी न खरीदें। लेकिन इसे अनिवार्य बना दिया गया तो ग्राहकों को इसे लेना ही होगा।

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