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WEF की रिपोर्ट:कर्मचारियों के कौशल विकास पर निवेश करने से 2030 तक देश की GDP 570 अरब डॉलर बढ़ सकती है

नई दिल्ली9 महीने पहले
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देश में 23 लाख नए रोजगार बन सकते हैं - Dainik Bhaskar
देश में 23 लाख नए रोजगार बन सकते हैं
  • भारत की GDP अभी 2.6 लाख करोड़ डॉलर की है
  • 2024 तक देश की GDP को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है

कर्मचारियों के कौशल विकास पर निवेश करने से 2030 तक भारत की GDP मौजूदा स्तर से 570 अरब डॉलर (करीब 40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) बढ़ सकती है। यह बात विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कही गई। देश की GDP अभी 2.6 लाख करोड़ डॉलर (190 लाख करोड़ रुपए) की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 तक भारत की GDP को 5 लाख करोड़ डॉलर (365 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अपस्किलिंग फॉर शेयर्ड प्रॉस्पैरिटी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में करीब 23 लाख नए रोजगार बन सकते हैं। अमेरिका के नए रोजगार बनने की संभावना 27 लाख और चीन में 17 लाख है।

ग्लोबल GDP में 6.5 लाख करोड़ डॉलर की हो सकती है बढ़ोतरी

रिपोर्ट में साथ ही कहा गया है कि कर्मचारियों के अपस्किलिंग और रीस्किलिंग पर तेजी से निवेश करने से ग्लोबल GDP 2030 तक 6.5 लाख करोड़ डॉलर (करीब 474 लाख करोड़ रुपए) बढ़ सकती है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में ग्लोबल GDP 133 लाख करोड़ डॉलर की थी। GDP के अतिरिक्त विकास की संभावना चीन में सबसे ज्यादा 2 लाख करोड़ डॉलर और अमेरिका में 1 लाख करोड़ डॉलर है। भारत तीसरे नंबर पर है।

दुनियाभर में 53 लाख नई नौकरियां बन सकती हैं

रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से अपस्किलिंग और रीस्किलिंग करने से पूरी दुनिया में 2030 तक 53 लाख नई नौकरियों (नेट आधार पर) का सृजन हो सकता है। PwC के ग्लोबल चेयरमैन बॉब मोर्टिज ने कहा कि कोविड-19 से पहले भी ऑटोमेशन और डिजिटाइजेशन के कारण जॉब मार्केट में बदलाव हो रहा था और इसके कारण बड़े पैमाने पर अपस्किलिंग और रीस्किलिंग की जरूरत थी। अब यह और भी जरूरी हो गया है।

ग्लोबल प्रॉडक्टिविटी 3% बढ़ जाएगी

PwC की मदद से तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अपस्किलिंग पर निवेश करने से यह भी सुनिश्चित होगा कि चौथी औद्योगिक क्रांति के द्वारा बनने वाले रोजगार के लिए कर्मचारियों के पास अनुभव और दक्षता पहले से मौजूद होंगे। इससे 2030 तक ग्लोबल प्रॉडक्टिविटी में 3 फीसदी का इजाफा होगा। साथ ही अपस्किलिंग और रीस्किलिंग पर निवेश करने से पूरी दुनिया में ज्यादा समाावेशी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था का विकास करने में भी मदद मिलेगी।