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2 ऑनलाइन पेमेंट और 1 इंश्योरेंस एग्रीगेटर का IPO जल्द:पेटीएम, पॉलिसीबाजार और मोबिक्विक जुटाएंगी 25 हजार करोड़, पॉलिसी बाजार सेबी को जल्द देगी IPO के लिए अर्जी

मुंबई2 महीने पहले
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  • पॉलिसी बाजार बीमा पॉलिसीज की जानकारी देती है
  • इसकी पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक लिस्ट होगी

IPO के सीजन में 3 और कंपनियों ने IPO लाने की तैयारी कर ली है। पेटीएम, पॉलिसी बाजार और मोबिक्विक IPO ला रही हैं। ये तीनों कंपनियों की 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। ऑनलाइन पेमेंट कंपनी पेटीएम और मोबिक्विक ने मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास DRHP यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस फाइल कर दिया है। वहीं, पॉलिसी बाजार जल्द ही DRHP फाइल करने वाली है।

पेटीएम जुटाएगी 16,600 करोड़
IPO के जरिए पेटीएम 16 हजार 600 करोड़ रुपए जुटाएगी, जो वन97 कम्युनिकेशन की सहायक कंपनी है। मोबिक्विक 1 हजार 900 करोड़ रुपए जुटाएगी। जबकि पॉलिसी बाजार इश्यू के जरिए 6 हजार 500 करोड़ रुपए जुटाएगी। पॉलिसी बाजार ब्रांड नाम है ये अपनी पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के नाम से लिस्ट होगी। यह 5 वां स्टार्टअप होगा जो IPO लेकर आएगा।

सितंबर से दिसंबर के बीच आएंगे तीनों IPO
रिपोर्ट्स के मुताबिक मोबिक्विक का IPO सितंबर अंत तक आ सकता है। पेटीएम अक्टूबर के अंत में अपना IPO लॉन्च कर सकती है। वहीं पॉलिसी बाजार इस साल दिसंबर तक अपना IPO बाजार में ला सकती है।

ऑनलाइन इंश्योरेंस एग्रीगेटर है पॉलिसी बाजार
पॉलिसी बाजार ऑनलाइन इंश्योरेंस एग्रीगेटर है। इसके प्लेटफॉर्म पर बीमा कंपनियों के उत्पाद के बारे में आप हर जानकारी हासिल कर सकते हैं। कुछ समय पहले कंपनी को बीमा पॉलिसी बेचने का लाइसेंस भी मिल गया है। इसके प्लेटफॉर्म पर यह भी पता किया जा सकता है कि किस कंपनी का प्रोडक्ट सस्ता और किसका महंगा। इस कंपनी में जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक ने निवेश किया है।

वॉलेट पेमेंट कंपनी है पेटीएम
पेटीएम यानी 'पे थ्रू मोबाइल' काफी प्रचलित फिनटेक प्लेटफार्म है। यह वॉलेट पेमेंट कंपनी है। इसके जरिए फोन रिचार्ज, बिल जमा करना समेत कई तरह के ऑनलाइन पेंमेंट किए जाते हैं। पेमेंट गेटवे सेवा के अलावा कंपनी कई तरह के भुगतान संबंधी सेवाओं में एक्टिव है। पेटीएम पहले से ही पेमेंट बैंक चलाती है। पेटीएम की शुरुआत 2010 में की गई थी और नोएडा में इसका हेड क्वार्टर है। कंपनी का रजिस्टर्ड यूजरबेस करीब 35 करोड़ का है।

मोबिक्विक से 30 लाख से ज्यादा कारोबारी जुड़े है
मोबिक्विक भी वॉलेट पेमेंट कंपनी है। इसके जरिए फोन रिचार्ज, बिल जमा करना समेत कई तरह के ऑनलाइन पेंमेंट किए जाते हैं। इसके जरिए फिलहाल रोजाना 10 लाख से भी ज्यादा ट्रांजैक्शन किए जाते हैं। इस ऐप से 30 लाख से भी ज्यादा कारोबारी जुड़े हैं और इसके यूजर्स की संख्या 12 करोड़ से ज्यादा है। मोबिक्विक की 2020-21 में कुल आय 18% घटकर 302 करोड़ रुपये रही। वहीं, कंपनी का नुकसान 12% घटकर 111 करोड़ रुपये रहा।

IPO में रिटेल और बड़े निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं
बाजार में इस समय रिटेल और बड़े निवेशक IPO में खूब पैसे लगा रहे हैं। 14 से 16 जुलाई के बीच आए जोमैटो के IPO को बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला और वो 36 गुना से ज्यादा भरा था। विश्लेषकों के मुताबिक, जोमैटो जैसी कंपनियों की लिस्टिंग से फाइनेंस कंपनियों और स्टार्टअप की आगे और ज्यादा लिस्टिंग के लिए संख्या बढ़ सकती है। हालांकि इस तरह की कंपनियां भले लिस्ट हो रही हैं और शेयरों की कीमतें अच्छी बढ़ रही हैं, पर भविष्य में इनके लिए चुनौतियां काफी हैं।

रेवेन्यू और फायदा कमाना चुनौती वाला काम
वन97 कम्युनिकेशन की पेटीएम को फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में 1700 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ। इस दौरान मोबिक्विक का घाटा 111 करोड़ रुपए रहा। हाल ही में पॉलिसी बाजार के ग्रुप CEO और को-फाउंडर यशीश दहिया ने मिंट को दिए इंटरव्यू में कहा था कि, 2020-21 के दौरान 1100 करोड़ रुपए के रेवेन्यू की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं थोड़ा मुनाफा भी कमा सकते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में 218 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। पेटीएम और पॉलिसी बाजार दोनों में चीनी निवेशकों का हिस्सा है। इन दोनों के इश्यू में चीन के निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

जुलाई में 4 कंपनियों ने जुटाया पैसा
जुलाई महीने में अब तक 4 कंपनियों ने 12 हजार 385 करोड़ रुपए बाजार से जुटाया है। 1,513 करोड़ रुपए का ग्लेनमार्क का इश्यू मंगलवार को खुला है जबकि रोलेक्स का 731 करोड़ रुपए का इश्यू इसी हफ्ते खुलेगा। यानी जुलाई महीने में कुल 6 इश्यू के जरिए कंपनियां 14 हजार 629 करोड़ रुपए जुटाएंगी। बाबा रामदेव की रुचि सोया 4 हजार 300 करोड़ रुपए FPO के जरिए जुटाएगी। 2021 में अब तक 28 इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आ चुके हैं। इन्होंने 38 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जुटाई है। यह दूसरा सबसे बेहतरीन साल है जिसमें ज्यादा रकम जुटाई गई है। 2017 में कंपनियों ने 67 हजार 167 करोड़ रुपए इस माध्यम से जुटाया था।