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टैलेंट न होने से डील पर असर:कॉग्नीजेंट में पिछले साल 15,540 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी, 28 हजार लोगों को कैंपस से भर्ती का ऑफर दिया

मुंबईएक महीने पहले
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देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस यानी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस में कुल 4.8 लाख कर्मचारी हैं। इसमें से 8,795 कर्मचारी पिछले साल नौकरी छोड़ गए थे। यानी कुल 7.2% लोगों ने नौकरी छोड़ी है - Dainik Bhaskar
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस यानी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस में कुल 4.8 लाख कर्मचारी हैं। इसमें से 8,795 कर्मचारी पिछले साल नौकरी छोड़ गए थे। यानी कुल 7.2% लोगों ने नौकरी छोड़ी है
  • जनवरी से मार्च की तिमाही में 7 हजार लोगों की भर्ती की है
  • नौकरी छोड़ कर जाने वालों को रोकने के लिए तैयारी कर रही है

सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर युवाओं का पसंदीदा सेक्टर माना जाता है। यहां हर कोई काम करना चाहता है। खासकर बड़ी और मल्टीनेशनल कंपनियों में। लेकिन इसकी हकीकत इसके उलट भी है। कॉग्नीजेंट में पिछले साल 15,540 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी। इसके कुल कर्मचारियों की तुलना में नौकरी छोड़ने वालों की संख्या 21% रही है। यानी एक चौथाई के करीब कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी।

कैंपस की ऑफरिंग की है कंपनी ने

कॉग्नीजेंट ने कहा है कि उसने इस साल कैंपस के जरिए 28 हजार कर्मचारियों की भर्ती का ऑफर दिया है। उसके मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश नांबियार ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उसके पास कुल 2.96 लाख कर्मचारी हैं। उसने पहले ही कैंपस की ऑफरिंग की है। जनवरी से मार्च की तिमाही में उसने 7 हजार लोगों की भर्ती की है। उन्होंने कहा कि 2021 यानी इस चालू वित्त वर्ष में उसके रेवेन्यू की ग्रोथ 5 से 7% के बीच रह सकती है।

टीसीएस के 7% कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी

कंपनी की फैक्टशीट से पता चलता है कि देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस यानी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस में कुल 4.8 लाख कर्मचारी हैं। इसमें से 8,795 कर्मचारी पिछले साल नौकरी छोड़ गए थे। यानी कुल 7.2% लोगों ने नौकरी छोड़ी है। इंफोसिस में 9,865 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी है जो इसके कुल कर्मचारियों की 2.5 लाख की संख्या में 15.2% है। विप्रो में कुल 1.9 लाख कर्मचारी हैं और इसके 12.1% कर्मचारियों यानी 5,980 लोगों ने नौकरी छोड़ी है। जबकि एचसीएल के कुल 4,182 कर्मचारियों ने पिछले साल नौकरी छोड़ी थी। यह इसके कुल 1.6 लाख कर्मचारियों की तुलना में 9.9% है।

कॉग्नीजेंट की परेशानी बढ़ी

कॉग्नीजेंट नौकरी छोड़ कर जाने वालों से ज्यादा परेशान है। इसका असर इसके रेवेन्यू पर भी दिख रहा है। कंपनी का रिजल्ट गुरुवार को आया था और मैनेजमेंट ने इस पर चिंता जताई थी। मैनेजमेंट ने कहा था कि वह टैलेंट यानी प्रतिभाओँ की कमी की समस्या से जूझ रही है। काफी अच्छे सारे लोग नौकरी छोड़ कर जा रहे हैं। कंपनी ने कहा कि उसके हाथ से जनवरी मार्च तिमाही में इसलिए काफी सारी डील निकल गई क्योंकि उसके पास इसे पूरे करने वाले कर्मचारी नहीं थे।

नौकरी छोड़ कर जाने वालों को रोकने की तैयारी

कंपनी के मुताबिक, वह अब नौकरी छोड़ कर जाने वालों को रोकने के लिए तैयारी कर रही है। इसके लिए वह ट्रेनिंग कार्यक्रम, तिमाही प्रमोशन और ग्रोथ के ज्यादा से ज्यादा मौके देने के लिए जॉब रोटेशन जैसे तरीकों पर फोकस करेगी। कंपनी को अभी भी आशंका है कि दूसरी तिमाही में कर्मचारियों के छोड़ने की संख्या में और ज्यादा बढ़त हो सकती है। इसका असर कंपनी पर पड़ेगा।

कुल आय 4.4 अरब डॉलर रही है

रिजल्ट के मुताबिक, पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच उसकी कुल आय 4.4 अरब डॉलर रही है। सालाना आधार पर इसमें 2.4% की बढ़त रही है। कंपनी ने कहा है कि जून 2021 तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ 10.5-11.5% के बीच रहेगी। इस अवधि में कंपनी की आय 4.42-4.46 अरब डॉलर के बीच रह सकती है। पूरे वित्त वर्ष 2021 में कंपनी की रेवेन्यू 7 से 9% की बढ़त के साथ 17.8-18.1 अरब डॉलर के बीच रह सकती है।

मार्च 2021 तिमाही में कंपनी के डिजिटल रेवेन्यू में सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में डिजिटल कारोबार से होने वाली आय का योगदान 44% है जो कि पिछले साल की इसी अवधि में 39% था।