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वोडाफोन-आइडिया को मिलेगा लाइफलाइन:टेलीकॉम सेक्टर में जेफ बेजोस का दांव; अब वोडा-आइडिया को कर्ज से उबारने में मदद करेगी अमेज़न और वेरिजॉन, 29 हजार करोड़ के निवेश की संभावना

नई दिल्ली5 महीने पहले
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वोडाफोन आइडिया पर एजीआर बकाए का 50,440 करोड़ रुपए भुगतान राशि शेष है। इससे पहले कंपनी ने अब तक 7,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। - Dainik Bhaskar
वोडाफोन आइडिया पर एजीआर बकाए का 50,440 करोड़ रुपए भुगतान राशि शेष है। इससे पहले कंपनी ने अब तक 7,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।
  • कोर्ट द्वारा प्रस्तावित पेमेंट पैटर्न से अन्य कंपनियों के मुकाबले वोडाफोन आइडिया के लिए मुश्किलें बढ़ने का अनुमान
  • कंपनियों को 31 मार्च 2021 तक 10 फीसदी एजीआर बकाए का भुगतान करना है

मुश्किल में चल रही टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के लिए राहत की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेजन डॉट इन और वेरिजॉन कम्यूनिकेशन, वोडाफोन आइडिया में 29 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश कर सकती हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाए के भुगतान को ध्यान में रखते हुए वोडाफोन आइडिया को कंपनी में हिस्सेदारी बेचने पर रोक लगा दी थी, हालांकि मंगलवार को आए फैसले के बाद कंपनी को राहत मिल सकती है।

बड़े निवेश की संभावना

ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन डॉट इन और वेरिजॉन कम्यूनिकेशन भारत में टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया में हिस्सेदारी खरीद सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों कंपनियां करीब 29 हजार करोड़ का निवेश वोडाफोन आइडिया में कर सकती हैं। कंपनी पर एजीआर बकाए का 50,440 करोड़ रुपए अभी शेष है। कंपनी ने अब तक 7,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।

दूरसंचार कंपनियों को मिला 10 वर्षों का समय

इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर मामले पर सुनवाई करते हुए एजीआर बकाए के भुगतान के लिए दूरसंचार कंपनियों को 10 साल का समय दिया है। टेलीकॉम कंपनियों पर कुल बकाया राशि 1.4 लाख करोड़ रुपए है। अब कंपनियों को 31 मार्च 2021 तक 10 फीसदी एजीआर बकाए का भुगतान करना है। कोर्ट से मिले 10 साल के समयावधि में एजीआर की रकम को किस्तों में जमा करना है। जानकारों को मानना है कि कोर्ट द्वारा प्रस्तावित पेमेंट पैटर्न से अन्य कंपनियों के मुकाबले वोडाफोन आइडिया के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी। इससे कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव बनेगा और आरपू बढ़ेगा।

4 सितंबर को होगी बोर्ड बैठक

ऐसे में कंपनी एजीआर के भुगतान और नेटवर्क डेवलपमेंट के साथ साथ अन्य सुधार पर खर्च के लिए कंपनी में हिस्सेदारी बेंच कर फंड जुटाएगी। कंपनी 4 सितंबर को बोर्ड बैठक करने जा रही है, जिसका मुख्य मुद्दा फंड जुटाना हो सकता है। दरअसल कोर्ट ने एजीआर बकाए के कारण कंपनी पर हिस्सेदारी बेचने जैसे कदम पर रोक लगा दी थी। वोडाफोन आइडिया ने अब तक 7,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया है, जबकि 50,440 करोड़ रुपए की देनदारी अभी शेष है।

भारत में अमेजन और वेरिजॉन की मौजूदगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वोडाफोन आइडिया में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर दो कंपनियां नाम सबसे ऊपर है, पहला अमेजन डॉट इन और दूसरा वेरिजॉन कम्यूनिकेशन। अमेजन की उपस्थिति भारत में पहले से ही है। ई-कॉमर्स मार्केट सहित अन्य कारोबार में भी कंपनी की मजबूत पकड़ है, वहीं वेरिजॉन कम्यूनिकेशन इससे पहले भारती एयरटेल लिमिटेड के भी साथ साझेदारी कर चुका है। साल 2016 में भारती एयरटेल के साथ कंपनी ने साझेदारी की थी और जुलाई में बिजनेस ग्राहकों के लिए ब्लूजींस नाम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सर्विस शुरु किया था।

मई में वोडाफोन आइडिया के ग्राहक घटे

साल की शुरुआत में ही खबर थी कि गूगल वोडाफोन में 5 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है, लेकिन बाद में गूगल ने रिलायंस जियो में 33 हजार करोड़ का निवेश किया। जानकारों ने इस डील पर कहा था कि जियो-फेसबुक-गूगल डील के चलते अन्य प्रतिद्वंदी टेलीकॉम कंपनियों पर इसी प्रकार के साझेदारी का दबाव बनेगा। दूरसंचार नियामक ट्राई के मुताबिक मई में वोडाफोन आइडिया के 47 लाख ग्राहक कम हुए हैं, जबकि रिलायंस जियो के साथ मई महीने में 37 लाख ग्राहक जुड़े।

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