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क्रिस वुड का भरोसा:महंगे होने के बावजूद जेफरीज ने एशिया पैसेफिक पोर्टफोलियो में भारतीय शेयरों का वजन बढ़ाया

नई दिल्ली9 महीने पहले
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  • क्रिस वुड इस हफ्ते ग्रीड एंड फीयर के एशिया पैसेफिक रिलेटिव रिटर्न पोर्टफोलियो में भारत का वज़न एक पर्सेंटेज प्वाइंट बढ़ाने जा रहे हैं
  • एशिया थीमैटिक इक्विटी पोर्टफोलियो में RIL, मारुति सुजुकी, HDFC, SBI लाइफ, ICICI लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस, DLF, ICICI बैंक शामिल

ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस वुड भारत में निवेश की संभावनाओं को लेकर बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि यहां आर्थिक वृद्धि दर में तेजी से सुधार होने की संभावना बन रही है और कोरोना वायरस के संक्रमण का फैलाव रुकने के संकेत मिले हैं।

एशिया पैसेफिक पोर्टफोलियो में भारत का वज़न एक पर्सेंटेज प्वाइंट बढ़ा

जेफरीज ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड इस हफ्ते ग्रीड एंड फीयर के एशिया पैसेफिक ( जापान शामिल नहीं) रिलेटिव रिटर्न पोर्टफोलियो में भारत का वज़न एक पर्सेंटेज प्वाइंट बढ़ाने जा रहे हैं। वुड इस पोर्टफोलियो में भारत का वज़न बढ़ाने का कदम तब उठा रहे हैं, जब यहां के शेयर बाजार में प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड हो रहा है, लेकिन उनका कहना है कि यह आने वाले समय में घट सकता है।

2022 में इंडिया इंक की प्रॉफिट ग्रोथ 30 पर्सेंट से ज्यादा रहने का अनुमान

वुड ने अपने हालिया नोट में लिखा है, “मैं मानता हूँ कि अगले 12 महीनों में इंडिया इंक को होने वाले एवरेज प्रॉफिट के 21.6 गुना वैल्यूएशन के हिसाब से भारतीय शेयर बाजार एकदम सस्ता नहीं है।” हालांकि उन्होंने जेफरीज के इंडिया रिसर्च हेड महेश नंदुरकर के हवाले से कहा कि आने वाले समय में भारतीय बाजार का वैल्यूएशन मल्टीपल घट सकता है। नंदुरकर ने 2022 में 13.2 पर्सेंट की रियल GDP ग्रोथ के साथ इंडिया इंक की प्रॉफिट ग्रोथ 30 पर्सेंट से ज्यादा रहने का अनुमान दिया है।

बैंकों की स्थिति में सुधार है भारत में वुड की दिलचस्पी बढ़ने की वजह

भारत में निवेश को लेकर वुड के उत्साहित होने की वजह बैंकों की स्थिति में आ रहा सुधार है, जिनकी कर्ज वसूली का स्तर बढ़कर 90-97 पर्सेंट पर आ गया है और उन्होंने नया लोन भी बांटना शुरू कर दिया है। इसके अलावा नवंबर में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन सालाना आधार पर 1.4 पर्सेंट बढ़ा है। वुड का कहना है कि जेफरीज ने पिछले दो हफ्तों में सरकारी अफसरों के साथ कुछ कांफ्रेंस कॉल की है, जिसमें पता चला है कि पब्लिक सेक्टर के कैपिटल एक्सपेंडिचर को मौजूदा वित्त वर्ष के बजट के मुताबिक बनाए रखने के लिए सरकार का फोकस रेवेन्यू साइड पर बना हुआ है। वुड ने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से कोई बड़ा राहत पैकेज नहीं दिए जाने के बावजूद भारत में डीग्रोथ वाली स्थिति से रिकवरी हुई है जिसको लॉकडाउन की समाप्ति से बढ़ावा मिला है।

नेगेटिव इनफ्लो के बीच बाजार में बढ़ी है छोटे निवेशकों की भागीदारी

अपने नोट में क्रिस वुड ने यह भी लिखा है कि भले ही घरेलू शेयर बाजार में जितना निवेश आया है उससे कहीं ज्यादा निकला है, लेकिन छोटे निवेशकों की भागीदारी बाजार में काफी बढ़ी है। जेफरीज इंडिया का अनुमान है कि जुलाई से सितंबर वाली तिमाही के दौरान इक्विटी ट्रेडिंग वॉल्यूम में नॉन इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन बढ़कर औसतन 84.5 पर्सेंट हो गया जो अप्रैल से जून वाली तिमाही में 82 पर्सेंट और लॉन्ग टर्म एवरेज 74 पर्सेंट था।

एशिया पैसेफिक पोर्टफोलियो में भारत का वज़न 11.5 पर्सेंट हो जाएगा ​​​​​​

जेफरीज के ग्रीड एंड फीयर के एशिया पैसेफिक (जापान शामिल नहीं) रिलेटिव रिटर्न पोर्टफोलियो में भारत का वज़न 8.7 पर्सेंट से बढ़कर 11.5 पर्सेंट हो गया है। क्रिस वुड ने लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स के लिए बनाए एशिया एक्स-जापान थीमैटिक इक्विटी पोर्टफोलियो में रिलायंस इंडस्ट्रीज (6 पर्सेंट), मारुति सुजुकी (3 पर्सेंट), HDFC (6 पर्सेंट), SBI लाइफ इंश्योरेंस (5 पर्सेंट), ICICI लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस (5 पर्सेंट), DLF (5 पर्सेंट), ICICI बैंक (3 पर्सेंट) को जगह दी है।

ऑयल के दाम में बढ़ोतरी होने पर आर्थिक संभावनाओं को नुकसान

क्रूड ऑयल के दाम में बढ़ोतरी होने पर भारत की आर्थिक संभावनाओं को नुकसान और रुपये पर दबाव बन सकता है। इक्विटी इनवेस्टर्स ऑयल कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाकर इस रिस्क से बच सकते हैं।

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