एविएशन / जेट एयरवेज 7 साल में बंद होने वाली छठी एयरलाइन, 20000 कर्मचारियों के भविष्य पर संकट



analysis: Cash strapped Jet Airways to suspend operations
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analysis: Cash strapped Jet Airways to suspend operations

  • जेट के कर्मचारियों का भविष्य अब नए निवेशकों की बोलियों पर टिका
  • जेट में हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियों का पहला राउंड पूरा, 10 मई तक प्रक्रिया पूरी होगी
  • बैंकों ने इमरजेंसी फंड नहीं दिया, जेट के पास रोज के खर्च पूरे करने के पैसे भी नहीं
  • पायलट्स-इंजीनियर्स की 3 महीने की सैलरी बकाया, जेट दिवालिया हुई तो नौकरी भी जाएगी

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 10:03 PM IST

मुंबई. देश की पहली निजी एयरलाइंस जेट एयरवेज ने बुधवार को अस्थाई रूप से सभी उड़ानें बंद करने का ऐलान कर दिया। जेट एयरवेज पिछले 7 साल में बंद होने वाली छठी और दूसरी बड़ी एयरलाइन है। 2012 में माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस बंद हुई थी। उसके बाद एयर पेगसस, एयर कोस्टा, एयर कार्निवल और जूम एयर को ऑपरेशंस बंद करने पड़े थे। जेट के ऑपरेशन बंद होने के बाद करीब 20 हजार कर्मचारियों और मैनेजमेंट के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके रोजगार को बचाने की अपील की है।

 

 

एयरलाइन संचालन बंद होने का वर्ष
किंगफिशर  अक्टूबर 2012
पेगसस  जुलाई 2016
एयर कोस्टा     फरवरी 2017
एयर कार्निवल अप्रैल 2017
जूम एयर जुलाई 2018

 

 

अब बिडिंग के जरिए समाधान निकालने की कोशिश

जेट एयरवेज के मैनेजमेंट और कर्मचारियों को अब एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्शियम द्वारा जेट की हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली प्रक्रिया पूरी करने का इंतजार है। यह प्रोसेस 10 मई तक पूरी होगी। जेट के कर्जदाताओं का कहना है कि बिडिंग के जरिए जेट के संकट का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। 

 

एयरलाइन के कर्मचारियों की 3 महीने की सैलरी बकाया

 

  • एयरलाइन के पायलट्स और इंजीनियर्स को अगस्त 2018 से टुकड़ों में वेतन मिल रहा था। पिछले तीन महीने की पूरी सैलरी बकाया है। उम्मीद कर रहे थे कि एयरलाइन को बैंकों से 1500 करोड़ रुपए मिलेंगे तो कुछ राहत मिलेगी लेकिन कर्जदाताओं ने इनकार कर दिया। 
  • जेट के पायलट्स के ने प्रधानमंत्री मोदी से नौकरियां बचाने की गुहार लगाई थी। एसबीआई से भी फंड जारी करने की अपील की गई थी। करीब 12 महीने से परेशान स्टाफ परेशानियां झेल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल एयरलाइन ने कॉस्ट कटिंग के तहत कर्मचारियों से 25% सैलरी कम करने के लिए भी कहा लेकिन वो नहीं माने। अब हालत ये हो गई है कि कर्मचारी लोन की किश्त चुकाने के लिए गहने गिरवी रखने को मजबूर हो गए हैं। 
  • कई कर्मचारी 25-50% तक कम वेतन पर दूसरी एयरलाइंस ज्वॉइन करने को तैयार हैं। एक सूत्र ने बताया कि जेट का संकट बढ़ने के बाद 400 पायलट नौकरी छोड़ चुके हैं। अब जेट के पास 1,300 पायलट रह गए हैं।
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