दिवालिया प्रक्रिया:जेट एयरवेज ने NCLT में दाखिल किया रेजोल्यूशन प्लान, मंजूरी के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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बोली जीतने वाले कंसोर्टियम ने 3 नवंबर को 150 करोड़ रुपए का सिक्युरिटी बॉन्ड जमा कर दिया है। - Dainik Bhaskar
बोली जीतने वाले कंसोर्टियम ने 3 नवंबर को 150 करोड़ रुपए का सिक्युरिटी बॉन्ड जमा कर दिया है।
  • लंदन के कालरॉक कैपिटल और यूएई के निवेशक मुरारी लाल जालान वाला कंसोर्टियम ने जीती है बोली
  • जेट को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगा बोली जीतने वाला कंसोर्टियम

दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही एयरलाइंस कंपनी जेट एयरवेज की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (COC) ने रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। अब कंपनी के रेजोल्यूशन प्रोफेशनल आशीष झावरिया ने इस रेजोल्यूशन प्लान को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में जमा कर दिया है। अब इस प्लान को NCLT की मंजूरी का इंतजार है।

कालरॉक कैपिटल-मुरारी लाल जालान वाले कंसोर्टियम ने जीती थी बोली

18 अक्टूबर को जेट एयरवेज को कर्ज देने वालों की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने सफल बोलीदाता की घोषणा की थी। कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने लंदन के कालरॉक कैपिटल और यूएई के निवेशक मुरारी लाल जालान वाला कंसोर्टियम की बोली को विजेता बताया था। इस कंसोर्टियम ने जेट एयरवेज को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए के निवेश की बोली लगा थी।

कंसोर्टियम ने 150 करोड़ रुपए का बॉन्ड जमा किया

जेट एयरवेज की ओर से बीएसई को दी गई जानकारी के मुताबिक, बोली जीतने वाले कंसोर्टियम ने 3 नवंबर को 150 करोड़ रुपए का सिक्युरिटी बॉन्ड जमा कर दिया है। इन्सोलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के मुताबिक बोली जीतने वाले को एक निश्चित अनुपात में राशि बॉन्ड के रूप में जमा करनी होती है। यह बॉन्ड इस बात की गारंटी होती है कि बोली लगाने वाले प्लान को एक्जीक्यूट करने से पीछे नहीं हटेगा। यदि बोली लगाने वाला प्लान को एक्जीक्यूट नहीं करता है तो यह राशि जब्त कर ली जाती है।

NCLT की मंजूरी के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी

रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद सफल बोलीदाता जेट एयरवेज के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय और DGCA से कई प्रकार की क्लीयरेंस लेनी होंगी। इसमें एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट और फ्लाइट स्लॉट्स भी शामिल हैं। आपको बता दें कि नकदी संकट के कारण अप्रैल 2019 से जेट एयरवेज का संचालन बंद पड़ा है।

कौन हैं मुरारी लाल जालान और कालरॉक कैपिटल

मुरारी लाल जालान यूएई के एंटरप्रेन्योर हैं। जालान एमजे डेवलपर्स कंपनी के मालिक हैं। इनकी रियल एस्टेट, माइनिंग, ट्रेडिंग, कंस्ट्रक्शन, एफएमसीजी, ट्रेवल एंड टूरिज्म और इंडस्ट्रियल वर्क्स जैसे सेक्टर्स में रुचि है। जालान ने यूएई, भारत, रूस और उज्बेकिस्तान समेत कई देशों में निवेश किया है। कालरॉक कैपिटल लंदन की फाइनेंशियल एडवाइजरी और अल्टरनेटिव असेट मैनेजमेंट से जुड़ा कारोबार करती है। यह कंपनी रियल एस्टेट और वेंचर कैपिटल से मुख्य रूप से जुड़ी है।

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