शेयर बाजार / कजाकिस्तान को भाया भारत का स्टार्टअप मॉडल, बीएसई से मांगी मदद



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  • बीएसई के सीईओ ने कहा-कजाकिस्तान के राजदूत ने उनसे किया था संपर्क
  • राजदूत कजाक स्टॉक एक्सचेंज में लागू कराना चाहते हैं भारत की दोनों योजनाएंः सीईओ

Dainik Bhaskar

Apr 21, 2019, 01:41 PM IST

कोलकाता. भारत का स्टार्टअप और इंटरनेशनल एक्सचेंज मॉडल कजाकिस्तान को इतना ज्यादा भा गया है कि वह इन्हें अपने देश में लागू करना चाहता है। बीएसई के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान के मुताबिक- कजाकिस्तान के राजदूत बुलत सरसेनबायेव ने उनसे संपर्क करके इच्छा जताई थी कि वह भारत की इन दोनों योजनाओं को कजाक स्टॉक एक्सचेंज में लागू कराना चाहते हैं।  

सहयोग करके हमें बेहद खुशी होगीः चौहान

  1. चौहान ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी होगी कि कजाक स्टॉक एक्सचेंज में भारत की दोनों योजनाओं लागू हों। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि विदेश मंत्रालय से सलाह मशविरा करके ही आखिरी फैसला लिया जाएगा। 

  2. बीएसई के पास स्टार्टअप के 3 प्लेटफार्म हैं। रेयरसन यूनिवर्सिटी, सिमोन फ्रेजर यूनिवर्सिटी ऑफ कनाडा के साथ मिलकर इनक्यूबेटर प्लेटफार्म चलाया जा रहा है। एसएमई प्लेटफार्म और हाईटैक कंपनियों के लिए स्टार्टअप प्लेटफार्म भी बीएसई से संबद्ध है। 

  3. इंटरनेशनल एक्सचेंज मॉडल भी बेहतरीनः राजदूत

    सरसेनबायेव का कहना है कि बीएसई के प्लेटफार्म स्टार्टअप और इनक्यूबेटर में उनकी रुचि है। उनका कहना है कि बीएसई के सीईओ से शुरुआती दौर की बातचीत हुई है। गिफ्ट सिटी गुजरात में चल रहा बीएसई का इंटरनेशनल एक्सचेंज मॉडल भी उन्हें बेहतरीन लगता है। 

  4. चौहान का कहना है कि अभी शुरुआती दौर की बातचीत चल रही है। बीएसई दूसरे देशों को इस मामले में ट्रेनिंग और कुछ अन्य चीजें मुहैया कराता रहा है। द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दूसरे देशों को इस तरह की सहायता दी जाती है। 

  5. स्टार्टअप सरकार की पसंदीदा स्कीम

    स्टार्टअप मोदी सरकार की पसंदीदा स्कीमों में शुमार है। स्कीम अच्छे से फले फूले इसके लिए सरकार लगातार कोशिशें कर रही है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ने सरकारी खरीद नीति में स्टार्ट अप के लिए टर्नओवर का नियम खत्म कर दिया है। इसके अलावा बिजनेस एक्सपीरियंस क्लॉज को भी खत्म कर दिया गया है। 

  6. सूत्रों का कहना है कि सरकार की तरफ से पॉलिसी सपोर्ट मिलने से स्टार्टअप अगले 10 साल में 30 लाख से 35 लाख नौकरियां देंगे, जिनकी वैल्युशन करीब 30 लाख करोड़ रुपए होगी। जिस तरह से देश में स्टार्टअप का इकोसिस्टम डेवलप हो रहा है, उसे देखते हुए अगले 10 साल में देश में एक लाख स्टार्टअप हो सकते हैं।

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