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शेयर बाजार की तेजी का लाभ:एलआईसी ने शेयर बाजार से कमाया 13 हजार करोड़ रुपए का मुनाफा, प्रीमियम से मिली 87,000 करोड़ की राशि

मुंबईएक वर्ष पहले
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एलआईसी को वर्ष 2019-20 के अंतिम पखवाड़े में नए रिन्यूअल प्रीमियम में करीब 45,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ - Dainik Bhaskar
एलआईसी को वर्ष 2019-20 के अंतिम पखवाड़े में नए रिन्यूअल प्रीमियम में करीब 45,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ
  • एलआईसी सालाना करीबन 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश शेयर बाजार के साथ डेट बाजार में और अलग-अलग संसाधनों में करती है
  • एलआईसी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि ऑनलाइन प्रीमियम कलेक्शन बढ़ा है। छोटी योजनाओं में प्रीमियम कलेक्शन घटा है।

देश की सबसे बड़ी बीमा और बाजार की निवेशक कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने शेयर बाजार से 13 हजार करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इसी के साथ उसे प्रीमियम के जरिए 87.30 हजार करोड़ रुपए की राशि मिली है। यह जानकारी एलआईसी के प्रबंध निदेशक राज कुमार ने दी। वे एक वेबिनार में बोल रहे थे।

एलआईसी आईपीओ की कर रही है तैयारी

बता दें कि एलआईसी देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि इसके वैल्यूएशन और अन्य एक्ट को बदलने में हो रही देरी से ऐसा माना जा रहा है कि इस वित्त वर्ष में इसका आईपीओ आना मुश्किल है। एलआईसी के एमडी राज कुमार ने कहा कि एलआईसी के इक्विटी पोर्टफोलियों में अच्छा मुनाफा हुआ है। अगस्त तक इसे 13 हजार करोड़ रुपए का लाभ हुआ है।

प्रीमियम में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि

उन्होंने कहा कि अगस्त तक कुल 87,300 करोड़ रुपए का बीमा हासिल हुआ है। यह पिछले साल की तुलना में 13.5 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि बीमा उद्योग को कोविड-19 महामारी के कारण वित्त वर्ष 2019-20 के अंतिम पखवाड़े में नए रिन्यूअल प्रीमियम में करीब 45,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। हालांकि ‘लॉकडाउन’ में ढील के साथ स्थिति सुधरी और बेहतर ग्रोथ हासिल हुई है।

मार्च तक पूरा हो सकता है आईपीओ

आईपीओ के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे मार्च तक पूरा करने का है। अभी इतना ही कहा जा सकता है कि हम निर्देश के अनुसार काम करने का प्रयास करेंगे। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के बजट में सरकार की एलआईसी में कुछ हिस्सेदारी आईपीओ के जरिये बेचने की योजना की घोषणा की थी। एलआईसी में हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार के चालू वित्त वर्ष के विनिवेश कार्यक्रम में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

आईपीओ से 80 हजार करोड़ जुटाने की योजना

एलआईसी की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी 80 हजार करोड़ रुपए में बिकने वाली है। एलआईसी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि ऑनलाइन प्रीमियम कलेक्शन बढ़ा है। हालांकि अब तक बड़ी बीमा पॉलिसियों से प्रीमियम आ रहा है, जबकि छोटी योजनाओं में प्रीमियम कलेक्शन घटा है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी का इन्सॉल्वेंसी रेशियो मार्च तक 155 फीसदी है जो संतोषजनक स्तर है।

इनसॉल्वेंसी रेशियो बीमा रेगुलेटर आईआरडीएआई द्वारा निर्धारित एक पैंमाना है, जिसके नीचे इसे नहीं होना चाहिए। इससे पता चलता है कि बीमा कंपनी की स्थिति ठीक-ठाक है।

32 लाख करोड़ रुपए की है असेट

बता दें कि करीबन 32 लाख करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों वाली एलआईसी देश के दूर-दराज इलाकों तक कवर करती है। यह पॉलिसी और प्रीमियम दोनों में बाजार हिस्सेदारी में पहले नंबर पर है। पिछले 20 सालों से निजी कंपनियां बाजार में आई हैं, बावजूद इसके एलआईसी की पहुंच ज्यादा है। एलआईसी सालाना करीबन 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश शेयर बाजार के साथ डेट बाजार में और अलग-अलग संसाधनों में करती है।

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