सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी:IPO से पहले LIC में सरकार को डालना होगा पैसा, बजट में आ सकता है प्रोविजन

मुंबई9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पिछले 50 सालों से एलआईसी में सरकार की कैपिटल केवल 5 करोड़ रुपए थी। 2012 में इसे बढ़ाकर 100 करोड़ रुपए किया गया
  • सरकार ने चालू वित्त वर्ष में हिस्सेदारी बिक्री से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में सरकार पैसे डाल सकती है। इस पैसे का प्रोविजन सरकार बजट में कर सकती है। इसे LIC के आईपीओ आने के पहले डालना होगा। इससे शेयरों का भाव कम या औसत पर रखने में मदद मिलेगी।

करीबन 32 लाख करोड़ की असेट्स

बता दें कि इस समय LIC की कुल संपत्तियां करीबन 32 लाख करोड़ रुपए है। एलआईसी में सरकार की कैपिटल महज 100 करोड़ रुपए है। हालांकि पिछले 50 सालों से यह केवल 5 करोड़ रुपए थी और 2012 में इसे बढ़ाकर 100 करोड़ रुपए किया गया। जानकार बताते हैं कि चूंकि 100 करोड़ के कैपिटल पर आईपीओ का जो शेयर आएगा वह महंगा हो सकता है। हालांकि अभी इसका एम्बेडेड वैल्यू निकाला जाएगा उसके बाद यह तय होगा कि शेयर की कीमत कितनी होगी।

10-12 लाख करोड़ हो सकता है वैल्यूएशन

ऐसा माना जा रहा है कि एलआईसी का वैल्यूएशन 10-12 लाख करोड़ रुपए के बीच हो सकता है। ऐसे में सरकार के 100 करोड़ रुपए के कैपिटल पर शेयर की कीमत काफी ज्यादा होगी। सरकार को पैसा इसलिए डालना होगा ताकि शेयरों की कीमत कम और औसत रहे और रिटेल निवेशक भी पैसा लगा सके। पहले एलआईसी का एम्बेडेड वैल्यू होगा फिर उसके बाद सही वैल्यूएशन होगा। बीमा कंपनी में शेयरहोल्डर्स की कंसोलिडेटेड वैल्यू का अनुमान लगाने के लिए एम्बेडेड वैल्यू एक कॉमन वैल्यूएशन उपाय है

फिलहाल एक शेयर ही है

अभी वर्तमान में एलआईसी का एक ही शेयर है। इस शेयर को ही बांटा जाएगा और फिर करोड़ों शेयरों का निर्माण होगा। हालांकि सरकार की योजना इस वित्त वर्ष में ही आईपीओ लाने की थी, पर अब यह अगले वित्त वर्ष में आएगा। सरकार ने डेलॉय और SBI कैपिटल को प्री-IPO ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया है। सरकार IPO के जरिए LIC की करीब 10% हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

2.10 लाख करोड़ जुटाने की योजना

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में हिस्सेदारी बिक्री से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें 1.20 लाख करोड़ रुपए CPSE के विनिवेश के जरिए और 90 हजार करोड़ रुपए वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी बिक्री के जरिए जुटाए जाएंगे। सरकार विनिवेश के जरिए चालू वित्त वर्ष में अब तक 6,138 करोड़ रुपए जुटा पाई है।

2.19 करोड़ नई पॉलिसी जारी की

एलआईसी ने 2019-20 में 2.19 करोड़ नई पॉलिसी जारी कीं जो पिछले 6 साल का रिकॉर्ड है। साथ ही इसी अवधि में निगम ने क्लेम सेटलमेंट (दावों के निपटान) के तहत कुल 159,770.32 करोड़ रुपए का भुगतान पॉलिसीधारकों को किया। इसके तहत कुल 215.98 लाख दावों का सेटलमेंट किया गया।

12 लाख एजेंट और 28.92 करोड़ पॉलिसी

एलआईसी के पास इस समय एक लाख से ज्यादा इसके पास कर्मचारी हैं। 12.08 लाख एजेंट हैं और 28.92 करोड़ से ज्यादा पॉलिसीज हैं। कुल 28 प्लान इंडिविजुअल बिजनेस के तहत एलआईसी ऑफर करती है। इसमें एंडोमेंट, टर्म इंश्योरेंस, चिल्ड्रेन, पेंशन, माइक्रो इंश्योरेंस आदि हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में नए बिजनेस प्रीमियम में उसकी वृद्धि दर 25.17% रही है। कुल फर्स्ट ईयर बिजनेस प्रीमियम 1.78 लाख करोड़ रुपए 31 मार्च 2020 तक रहा है। इसमें इसकी बाजार हिस्सेदारी 68.74% है। पॉलिसी के मामले में बाजार हिस्सेदारी 75.90% है।