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RBI गवर्नर का ऐलान:जनवरी से कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांजेक्शन की लिमिट बढ़ेगी, एक बार में 5 हजार तक का भुगतान कर सकेंगे

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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कॉन्टैक्टलेस कार्ड सिस्टम में बिना पिन एंटर किए ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। - Dainik Bhaskar
कॉन्टैक्टलेस कार्ड सिस्टम में बिना पिन एंटर किए ट्रांजेक्शन किया जा सकता है।
  • अभी एक बार में 2 हजार रुपए तक का भुगतान करने की सुविधा
  • 24X7 RTGS की सुविधा अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी

कॉन्टैक्टलेस कार्ड के जरिए ट्रांजेक्शन करने वालों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी देते RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जनवरी से कॉन्टैक्टलेस कार्ड के जरिए प्रत्येक ट्रांजेक्शन से 5000 रुपए तक का भुगतान किया जा सकेगा। अभी तक एक ट्रांजेक्शन के लिए 2000 रुपए तक का भुगतान करने की सुविधा थी। कॉन्टैक्टलेस कार्ड सिस्टम में बिना पिन एंटर किए ट्रांजेक्शन किया जा सकता है।

जल्द शुरू होगी 24X7 की सुविधा

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 24 घंटे सातों दिन रीयल टाइम ग्रास सेटलमेंट (RTGS) के जरिए फंड ट्रांसफर की सुविधा कुछ ही दिनों में लागू हो जाएगी। यह सुविधा 1 दिसंबर से शुरू होनी थी, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। 2 लाख से ज्यादा का फंड ट्रांसफर करने के लिए RTGS का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कम की रकम ट्रांसफर करने के लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) का सहारा लेना पड़ता है। NEFT के अलावा IMPS की भी सुविधा किसी भी समय के लिए उपलब्ध है।

मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की खास बातें

  • कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक वित्त वर्ष 2019-20 का मुनाफा अपने पास ही रखेंगे और उन्हें डिविडेंड का भुगतान नहीं करना होगा।
  • तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 0.1% रह सकती है।
  • चौथी तिमाही में GDP ग्रोथ 0.7% रहने का अनुमान है।
  • RBI ने वित्त वर्ष 2021 में GDP ग्रोथ -7% रहने का अनुमान जताया है।
  • RBI गवर्नर का कहना है कि इकोनॉमी में तेज गति से सुधार हो रहा है। कई और सेक्टर्स में रिकवरी शुरू हो गई है।
  • सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए समय पर विभिन्न इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • तीसरी तिमाही में महंगाई दर 6.8% और चौथी तिमाही में 5.8% रहने का अनुमान है।
  • चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इकोनॉमी में रिकवरी के शुरुआती संकेत दिखे हैं।
  • वित्तीय सिस्टम में डिपॉजिटर्स के हितों को सुरक्षित रखने के लिए RBI ने प्रतिबद्धता जताई है।
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