पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Business
  • Loan ; Banking ; Insurance Policy ; Corona Crisis ; Corona ; COVID 19 ; If You Need Money, You Can Take A Loan On An Insurance Policy, You Will Get A Loan Easily And At A Low Interest

पर्सनल फाइनेंस:पैसों की जरूरत पड़ने पर इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी ले सकते हैं लोन, आसानी से और कम ब्याज पर मिलेगा कर्ज

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना काल में कई लोगों को पैसों से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अगर आपके पास जीवन बीमा पॉलिसी है और आपको भी पैसों की जरूरत है तो आप उस पर लोन ले सकते हैं। पॉलिसी के बदले आसानी से और कम ब्याज पर लोन मिलता है। ये लोन आप बैंक या नॉन-बैकिंग वित्तीय संस्थाओं (NBFC) के जरिए ले सकते हैं। हम आपको आज इसके बारे में बता रहे हैं।

कितना लोन मिलता है
लोन की रकम पॉलिसी के प्रकार और उसकी सरेंडर वैल्यू पर निर्भर करती है। आमतौर पर लोन की राशि पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू (आखिर में मिलते वाली रकम) का 80 से 90% तक हो सकती है। लोन की राशि सरेंडर वैल्यू (आखिर में मिलते वाली रकम) की 80 से 90% तक हो सकती है। इतना लोन तब मिलेगा जब आपके पास मनी बैक या एंडॉमेंट पॉलिसी है।

क्या है सरेंडर वैल्यू?
लाइफ इंश्योरेंस के मामले में पूरी अवधि तक चलाने से पहले पॉलिसी सरेंडर करने पर आपको प्रीमियम के तौर पर चुकाई गई रकम का कुछ हिस्सा वापस मिल जाता है। इसमें चार्ज काट लिए जाते हैं। यही रकम सरेंडर वैल्यू कहलाती है।

क्या सभी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर सरेंडर वैल्यू मिलती है?
केवल उन पॉलिसी में ही सरेंडर वैल्यू की वापसी होती है जिनमें बीमा के साथ निवेश का भी हिस्सा होता है। इसलिए शुद्ध टर्म प्लान में कोई सरेंडर वैल्यू नहीं होगी। वहीं, एंडावमेंट, मनीबैक और यूलिप जैसे पारंपरिक प्लानों में सरेंडर वैल्यू होती है। इसके अलावा आपको अपने पैसे का एक हिस्सा तभी मिलेगा जब आपने दो साल के लिए लगातार प्रीमियम का भुगतान किया हो। कई कंपनियों में ये लिमिट 3 साल की भी है।

कितना देना होता है ब्याज?
इंश्योरेंस पॉलिसी पर ब्याज दर प्रीमियम के अमाउंट और भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या पर निर्भर करती है। प्रीमियम और प्रीमियम की संख्या जितनी अधिक होगी, ब्याज दर उतनी ही कम होगी। लाइफ इंश्योरेंस पर लोन की ब्याज दर 10-12% के बीच होती है।

लोन वापस न करने पर क्या होगा?
लोन के रिपेमेंट में डिफॉल्ट या प्रीमियम भुगतान करने में चूक होने पर इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स हो जाएगी। पॉलिसीधारक को पॉलिसी पर लिए गए लोन पर ब्याज के अलावा प्रीमियम का भी भुगतान करना होगा। बीमा कंपनी पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू से मूल और बकाया ब्याज की रकम वसूलने का अधिकार रखती है।

ये हैं जरूरी डॉक्यूमेंट्स
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर लोन के लिए आवेदन फार्म के साथ आपको जीवन बीमा पॉलिसी के सभी जरूरी ओरिजनल डॉक्युमेंट्स जमा करने होंगे। लोन की रकम प्राप्त करने के लिए एक कैंसिल चेक आवेदन फार्म के साथ लगाना होगा। बीमा पॉलिसी के बदले लोन लेने पर अनुबंध पत्र पर साइन करना जरूरी होता है।