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RBI के लिए महंगाई सबसे बड़ी चिंता:आने वाले दिनों में महंगा हो सकता है लोन, RBI गवर्नर ने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए

नई दिल्लीएक महीने पहले
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने जून में होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग और आगे की बैठकों में रेपो रेट बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इससे लोन और महंगा हो सकता है। RBI जून की बैठक में महंगाई की नया अनुमान भी जारी करेगा। उन्होंने ये भी कहा कि इकोनॉमिक रिकवरी जोर पकड़ रही है। RBI गवर्नर ने CNBC TV 18 को दिए एक इंटरव्यू में ये बात कही है। RBI के लिए वर्तमान में महंगाई सबसे बड़ी चिंता है।

ज्यादातर देशों में ब्याज दरें निगेटिव
दास ने दुनिया भर में क्या हो रहा है इसका एक उदाहरण देकर स्थिति को समझाया। दास ने कहा, 'रूस और ब्राजील को छोड़कर आज लगभग हर देश में ब्याज दरें निगेटिव हैं। एडवांस्ड इकोनॉमीज के लिए महंगाई का लक्ष्य लगभग 2% है। जापान और एक अन्य देश को छोड़कर, सभी एडवांस्ड इकोनॉमीज में महंगाई 7% से ज्यादा है।' ब्याज दरों के निगेटिव होने का मतलब है कि फिक्स्ड डिपॉजिट पर आपको महंगाई की दर से कम ब्याज मिलना।

इमरजेंसी मीटिंग में RBI ने बढ़ाई थी रेपो रेट
लगातार बढ़ती महंगाई से चिंतित भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बीते महीने इमरजेंसी मीटिंग में रेपो रेट को 4% से बढ़ाकर 4.40% कर दिया था। वैसे मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग हर दो महीने में होती है। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली मीटिंग मीटिंग 6-8 अप्रैल को हुई थी। अगली मीटिंग जून में होगी। RBI ने 22 मई 2020 के बाद रेपो रेट में बदलाव किया था। तब से ये 4% के ऐतिहासिक लो लेवल पर बना हुआ था।

RBI की 6% की ऊपरी लिमिट के पार महंगाई
मई में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित रिटेल महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 7.79% हो गई थी। खाने-पीने के सामान से लेकर तेल के दाम बढ़ने से महंगाई 8 साल के पीक पर पहुंच गई। मई 2014 में महंगाई 8.32% थी। यह लगातार चौथा महीना था, जब महंगाई दर RBI की 6% की ऊपरी लिमिट के पार रही थी। फरवरी 2022 में ये 6.07%, जनवरी में 6.01% और मार्च में 6.95% दर्ज की गई थी। अप्रैल 2021 में रिटेल महंगाई दर 4.23% थी।

लिक्विडिटी घटाने पर RBI का प्लान
लिक्विडिटी के अनुमान पर गवर्नर ने कहा है कि सेंट्रल बैंक मल्टी-ईयर टाइम साइकिल में इकोनॉमी में लिक्विडिटी की स्थिति को सामान्य करने पर विचार कर रहा है। लगातार कमजोर हो रहे रुपए को लेकर RBI गवर्नर ने भरोसा दिलाया कि सेंट्रल बैंक करेंसी मार्केट में रुपए की अत्यधिक अस्थिरता को रोकेगा। चालू खाते घाटे को लेकर RBI गवर्नर ने कहा कि वह इसे आसानी से मैनेज कर लेंगे। उन्होंने कहा, भारत का एक्सपोर्ट मजबूत बना हुआ है।