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बुल रन:MCAP-GDP रेश्यो कारोबारी साल 2009-10 के बाद अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली10 महीने पहले
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जून 2020 के बाद बाजार में आए बुल रन के कारण MCAP-GDP रेश्यो 11 साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है - Dainik Bhaskar
जून 2020 के बाद बाजार में आए बुल रन के कारण MCAP-GDP रेश्यो 11 साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है
  • MCAP-GDP रेश्यो कारोबारी साल 2019 में 79% था
  • कारोबारी साल 2020 में यह घटकर 56% पर आ गया
  • इस कारोबारी साल में यह 91% पर पहुंच सकता है

भारत का मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) और GDP का रेश्यो कारोबारी साल 2009-10 के बाद अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है। यह बात मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में कही गई है। इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में हालांकि यह भी कहा गया है कि MCAP-GDP रेश्यो में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है।

यह रेश्यो कारोबारी साल 2019 में 79 फीसदी था, जो कारोबारी साल 2020 में घटकर 56 फीसदी पर आ गया। इस कारोबारी साल में यह 91 फीसदी पर पहुंच सकता है। जून 2020 के बाद बाजार में आई तेजी के कारण MCAP-GDP रेश्यो कारोबारी साल 2010 के बाद सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है।

दिसंबर 2007 में यह रेश्यो 149% के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था

रिपोर्ट के मुताबिक गत दो दशकों का सबसे कम रेश्यो 42 फीसदी रहा है और यह कारोबारी साल 2004 में दर्ज किया गया था। 2003-08 बुल रन के दौरान दिसंबर 2007 में यह रेश्यो 149 फीसदी के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था।

निफ्टी50 का MCAP अब तक के सर्वोच्च स्तर पर

रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी50 का मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है। निफ्टी m-cap दिसंबर 2019 के मुकाबले 13 फीसदी ऊपर है। निफ्टी मिडकैप100 का मार्केट कैप दिसंबर 2019 के मुकाबले तो ऊपर है, लेकिन अपने सर्वोच्च स्तर से यह अब भी 12 फीसदी नीचे है।

इस साल अब तक निफ्टी के 31 शेयरों ने सकारात्मक रिटर्न दिया

रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी50 के 45 शेयरों में पिछले महीने तेजी रही। 2020 में अब तक निफ्टी के 31 शेयरों ने सकारात्मक रिटर्न दिया। BSE-200 के 182 शेयरों में नवंबर में तेजी रही। इनमें से 116 शेयरों में माह-दर-माह आधार पर 10 फीसदी की तेजी रही। 2020 में अब तक BSE-200 के करीब 120 शेयरों में मजबूती आई और इनमें से 45 शेयरों ने 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

नवंबर में DII ने रिकॉर्ड बिकवाली की, जबकि FII ने सबसे ज्यादा निवेश किया

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नवंबर में भारतीय शेयर बाजार में दो ऐसे रुझान देखने को मिले, जो पूरी तरह से एक दूसरे के उलट हैं। मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशन इन्वेस्टमेंट्स (DII) ने पिछले महीने 5.9 अरब डॉलर का अब तक का सबसे बड़ा आउटफ्लो दर्ज किया। जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का शुद्ध निवेश इस दौरान किसी भी एक महीने के सर्वोच्च स्तर 8.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया।