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सफाई / सरकार ने कहा- हमने रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपए की मांग नहीं की



DEA Secretary subhash garg clarifies narendra modi government not seeking
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DEA Secretary subhash garg clarifies narendra modi government not seeking

  • आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा- मीडिया में गलत खबरें दी जा रहीं
  • सरकार ने कहा- केवल आर्थिक पूंजीगत ढांचे को सही करने पर विचार

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 04:10 PM IST

नई दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि हमें रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपए नहीं चाहिए। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने कहा कि मीडिया में बहुत सारे गलत कयास लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का राजकोषीय गणित एकदम सही रास्ते पर है। कहा जा रहा है कि आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ या एक लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का प्रस्ताव है। ये गलत है। 

 

गर्ग ने कहा कि केवल एक प्रस्ताव है, जिस पर चर्चा चल रही है। वह है कि आरबीआई के लिए आर्थिक पूंजी का उचित ढांचा तैयार किया जाए। हमने मौजूदा साल के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.3 फीसदी रक्षा है और हम इस पर कायम हैं। बाजार से कर्ज लेने का लक्ष्य भी 70 हजार करोड़ तय कर दिया गया है।

 

स्वायत्तता को लेकर आरबीआई-सरकार में तनाव
स्वायत्तता को लेकर आरबीआई और सरकार के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। सरकार ने आरबीआई एक्ट की धारा 7 के तहत गवर्नर को तीन पत्र भी भेजे थे। खबर ये भी आई कि अगर सरकार विशेष कानूनी धारा का इस्तेमाल करती है तो आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा भी दे सकते हैं।


विवाद का बड़ा मुद्दा है पीसीए
आरबीआई ने प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) की रूपरेखा के तहत कुछ नियम तय किए हैं। यही सरकार और आरबीआई के बीच विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा है। रिजर्व बैंक ने 12 बैंकों को त्वरित कारवाई की श्रेणी में डाला है। ये नया कर्ज नहीं दे सकते, नई ब्रांच नहीं खोल सकते और ना ही डिविडेंड दे सकते हैं। सरकार पीसीए नियमों में ढील चाहती है ताकि कर्ज देना बढ़ सके। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा था कि बैंकों की बैलेंस शीट और ना बिगड़े, इसलिए रोक जरूरी है।

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