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रिकवरी के संकेत:RBI के 60% से ज्यादा हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स प्री-कोविड लेवल से ऊपर पहुंचे, 48 में से सिर्फ 18 ही फरवरी के स्तर से नीचे

नई दिल्ली9 महीने पहले
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सिर्फ 2 इंडिकेटर्स ही प्री-कोविड स्तर के मुकाबले ज्यादा खराब हालत में हैं, इनमें म्यूचुअल फंड्स का मंथली इक्विटी इन्वेस्टमेंट और सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट का मंथली आउटस्टैंडिंग शामिल हैं - Dainik Bhaskar
सिर्फ 2 इंडिकेटर्स ही प्री-कोविड स्तर के मुकाबले ज्यादा खराब हालत में हैं, इनमें म्यूचुअल फंड्स का मंथली इक्विटी इन्वेस्टमेंट और सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट का मंथली आउटस्टैंडिंग शामिल हैं
  • डोमेस्टिक पैसेंजर ट्रैफिक और कॉरपोरेट बांड इशुएंस दोनों निचले स्तर से ऊबर चुके, लेकिन अभी तक रिकवरी के रास्ते पर नहीं
  • एयर कार्गो की हालत थोड़ी बेहतर है, लेकिन यह भी अब तक सामान्य स्थिति में नहीं लौटा है

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जिन 48 हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स को ट्रैक करता है, उसमें से सिर्फ 18 ही प्री-कोविड लेवल से नीचे हैं, जबकि बाकी सभी फरवरी में दिखे स्तर से ऊपर पहुंच चुके हैं। जो इंडिकेटर्स फरवरी के स्तर से नीचे हैं, उनमें से सिर्फ 2 इंडिकेटर्स ही प्री-कोविड स्तर के मुकाबले ज्यादा खराब हालत में हैं, जिनमें म्यूचुअल फंड्स का मंथली इक्विटी इन्वेस्टमेंट और सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट का मंथली आउटस्टैंडिंग शामिल हैं। सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट्स बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस द्वारा जारी किया जाने वाला शॉर्ट-टर्म मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट होता है।

शुक्रवार को मौद्रिक नीति बयान के साथ RBI की ओर से जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में म्यूचुअल फंड्स के शेयर निवेश में और गिरावट आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक डोमेस्टिक पैसेंजर ट्रैफिक और कॉरपोरेट बांड इशुएंस दोनों अपने निचले स्तर से ऊबर चुके हैं लेकिन अभी तक ये रिकवरी के रास्ते पर नहीं आए हैं। एयर कार्गो की हालत थोड़ी बेहतर है, लेकिन यह भी अब तक सामान्य स्थिति में नहीं लौटा है।

थ्री-व्हीलर प्रॉडक्शन प्री-कोविड स्तर से नीचे

कुछ सेगमेंट में प्रॉडक्शन और सेल्स के फीगर अलग-अलग तस्वीर दिखाते हैं। उदाहरण के लिए RBI के अनुमान में कहा गया है कि ट्रैक्टर का प्रॉडक्शन प्री-कोविड लेवल से ऊपर जा चुका है, लेकिन सेल्स फरवरी के स्तर से नीचे है और सितंबर व अक्टूबर में इसमें गिरावट आई है। थ्री-व्हीलर प्रॉडक्शन प्री-कोविड स्तर से नीचे है, लेकिन इसमें बढ़ोतरी का रुझान दिख रहा है।

उम्मीद से बेहतर रिकवरी, लेकिन जोखिम बना हुआ है

RBI और सरकार दोनों का कहना है कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बेहतर रिकवरी हो रही है, लेकिन जोखिम बना हुआ है। कोरोनावायरस की दूसरी लहर आर्थिक रिकवरी के लिए एक जोखिम है। वित्त मंत्रालय ने पिछले सप्ताह अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा था कि वैक्सीन की प्रगति और कंटैक्ट इंडेंसिव सेक्टर्स द्वारा वर्चुअल तौर-तरीके अपनाने से अप्रैल-जून तिमाही जैसी गिरावट फिर से आने की आशंका नहीं है।