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30 साल के आकाश अंबानी को Jio की कमान:65 साल के मुकेश का डायरेक्टर पद से इस्तीफा, रिलायंस में उत्तराधिकार की प्रोसेस तेज

मुंबई2 महीने पहले

दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैनों में से एक मुकेश अंबानी अपने साम्राज्य को अगली पीढ़ी को सौंपने के प्लान पर काम कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद भाई अनिल से हिस्सेदारी के बंटवारे को लेकर जो विवाद हुआ था, वैसा उनके बच्चों के बीच न हो।

ऐसे में सोमवार को मुकेश अंबानी ने जियो इनफोकॉम लिमिटेड के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। रिलायंस जियो के बोर्ड ने उनके बेटे आकाश अंबानी की बोर्ड के चेयरमैन पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इससे पहले आकाश अंबानी बोर्ड में नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। पंकज मोहन पवार कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) का पद संभालेंगे।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग 27 जून को हुई थी जिसमें ये फैसले लिए गए हैं। कंपनी के एडिशनल डायरेक्टर के रूप में रामिंदर सिंह गुजराल और केवी चौधरी की नियुक्ति को भी बोर्ड ने मंजूरी दी है। ये अपॉइंटमेंट 27 जून 2022 से 5 सालों के लिए हैं। Jio के ब्रांड बनने की कहानी...

जियो का 4जी इको सिस्टम खड़ा करने में आकाश का बड़ा हाथ
रिलायंस जियो में आकाश अंबानी प्रोडक्ट और डिजिटल सर्विसेज के एप्लीकेशन डेवलपमेंट में करीब से जुड़े रहे हैं। जियो के 4जी इको सिस्टम को खड़ा करने का श्रेय काफी हद तक आकाश अंबानी को जाता है। 2020 में दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों ने जियो में निवेश किया था, वैश्विक निवेश को भारत लाने में भी आकाश ने खूब मेहनत की थी। मार्केट एक्सपर्ट प्रकाश दीवान ने आकाश अंबानी को कमान सौंपे जाने के फैसले को रिलायंस के बिजनेस के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कंपनी के IPO के प्लान के तहत उठाया गया कदम है।

बिजनेस मॉडलः पहले बाजार पर पकड़, फिर कमाई
2016 में जियो लॉन्च हुई थी तो भारत का टेलिकॉम मार्केट कॉम्पिटिशन से भरा था। 8 कंपनियां होने के बावजूद यूजर्स को 1 मिनट कॉल के लिए औसतन 58 पैसे चुकाने पड़ते थे। जियो ने सबसे पहले बाजार में पकड़ बनाने का फैसला किया।

अपने शुरुआती दिनों में जियो ने अनलिमिटेड डेटा और हाई क्वालिटी कॉलिंग की सर्विस बेहद कम कीमत में दी। इस स्ट्रैटजी ने दूसरे टेलिकॉम ऑपरेटर्स को भी अपना बिजनेस मॉडल बदलने पर मजबूर कर दिया। इसमें एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन शामिल थे।

अंबानी परिवार से मिलिए
रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव धीरूभाई अंबानी ने रखी थी। उनका जन्म 28 दिसंबर 1933 को सौराष्ट्र के जूनागढ़ जिले में हुआ था। धीरूभाई का पूरा नाम धीरजलाल हीराचंद अंबानी हैं। उन्होंने जब बिजनेस की दुनिया में कदम रखा तो न उनके पास पुश्तैनी संपत्ति थी और न ही बैंक बैलेंस। धीरूभाई की 1955 में कोकिलाबेन से शादी हुई थी। उनके दो बेटे मुकेश-अनिल और दो बेटी दीप्ती और नीना हैं। 6 जुलाई 2002 को धीरूभाई के निधन के बाद उनकी संपत्ति के बंटवारे में उनकी पत्नी कोकिलाबेन ने ही मुख्य भूमिका अदा की थी।

आकाश-ईशा और अनंत
1. आकाश अंबानीः 2014 में ब्राउन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने फैमिली बिजनेस जॉइन किया। जियो प्लेटफॉर्म्स, जियो लिमिटेड, सावन मीडिया, जियो इन्फोकॉम, रिलायंस रिटेल वेंचर्स के बोर्ड में शामिल हैं। 2019 में श्लोका मेहता से शादी की।

2. ईशा अंबानीः येल और स्टेनफोर्ड से पढ़ाई की। 2015 में फैमिली बिजनेस जॉइन किया। जियो प्लेटफॉर्म्स, जियो लिमिटेड, रिलायंस रिटेल वेंचर्स के बोर्ड में शामिल हैं। ईशा की शादी दिसंबर 2018 में कारोबारी अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से हुई।

3. अनंत अंबानीः अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। रिलायंस न्यू एनर्जी, रिलायंस न्यू सोलर एनर्जी, रिलायंस O2C, जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड में शामिल हैं।

युवा पीढ़ी अब लीडरशिप की भूमिका निभाने के लिए तैयार
28 दिसंबर 2021 को धीरूभाई अंबानी के जन्मदिन के मौके पर मुकेश अंबानी ने कहा था, 'युवा पीढ़ी अब लीडरशिप की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अब मैं उत्तराधिकार की प्रक्रिया को तेज करना चाहता हूं। हमें नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्हें सक्षम बनाना चाहिए। उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और बैठकर तालियां बजानी चाहिए।'

मुकेश अंबानी ने कहा था, 'मैं हर दिन रिलायंस के लिए बच्चों के जुनून, कमिटमेंट और समर्पण को देख और महसूस कर सकता हूं। मैं उनमें वही आग और काबिलियत देखता हूं, जो मेरे पिता के पास लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने और भारत के विकास में योगदान देने के लिए थी। समय आ गया है कि इस बड़े अवसर का लाभ उठाकर रिलायंस के भविष्य के विकास की नींव रखी जाए।'

उन्होंने कहा था, 'रिलायंस एक कपड़ा कंपनी के रूप में शुरू हुई थी। अब हम कई बिजनेसेस में शामिल हैं। इसकी ऑयल टु केमिकल वाली कंपनी अब रिटेल, टेलिकॉम, ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर में नंबर वन है। हमने अपने एनर्जी बिजनेस को भी पूरी तरह से नया रूप दिया, अब रिलायंस क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी और मटेरियल्स में ग्लोबल लीडर बनने की ओर अग्रसर है।'

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