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नई दिल्ली. शेयर बाजार में गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर सिंगल कारोबारी दिन में 9 फीसदी लुढ़ककर 52 हफ्तों के अपने सबसे निचले पायदान पर पहुंच गए। चालू कैलेंडर ईयर में रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर में 28 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से मुकेश अंबानी की संपत्ति को 15.2 बिलियन डॉलर यानी 1.11 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस बड़ी गिरावट के साथ मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर आदमी नहीं रहे। बता दें कि वो अलीबाबा के फाउंडर जैक मा को पछाड़कर इस पायदान पर पहुंचे थे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में गिरावट निवेशकों के लिए मोटी कमाई का मौका
इन सबके बावजूद ग्लोबल ब्रोकरेज यूबीएस सिक्योरिटी ने बुधवार को रिलायंस इंडस्टरी की खरीदारी रेटिंग को स्थिर रखा और स्टॉक के टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 1840 रुपए कर दिया। इसके साथ ही अगले 12 माह में रिलायंस इंडस्ट्री के स्टॉक की कीमत मौजूदा लेवल से 60 फीसदी ज्यादा रहने की संभावना जताई है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस साल स्टॉक मूल्य में भारी गिरावट का मतलब है कि ऊर्जा कारोबार को कोई मूल्य नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्री के स्टॉक प्राइस में गिरावट निवेशकों के लिए एक मौका है, जहां वो एनर्जी बिजनेस के स्टॉक को एक तरह से मुफ्त में खरीद सकते हैं। जैसा कि मालूम है कि मौजदूा मार्केट कैप 10 फीसदी नीचे है।
कोरोना वायरस ने बिगाड़ी मार्केट की चाल
ब्रोकरेज ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर कोविड-19 की वजह से अपने उच्चतम स्तर से 30 फीसदी गिर गए हैं। कोरोनावायरस की वजह से रिफाइंड प्रोडक्ट और पेट्रोकेमिकल की खपत कम है। साथ ही साउदी अरामको डील टाइमलाइन और लोअर एनर्जी सेगमेंट में कैश न होने की वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज का निवेश प्रभावित हो रहा है।
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