इस हफ्ते का खास इंटरव्यू:हीरे की वैल्यू बढ़ने के लिए जरूरी है सर्टिफिकेट लेना, यह पासपोर्ट जैसा ही

नई दिल्ली6 महीने पहले
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हीरा दुनिया का सबसे पुराना लग्जरी और फैशन आइटम है। इसकी अहमियत आज भी न सिर्फ बरकरार है, बल्कि और बढ़ रही है। आपके हीरे की वैल्यू भी बढ़ती रहे इसके लिए जरूरी है कि हीरा खरीदते समय उसका सर्टिफिकेट जरूर लें। नैचुरल डायमंड काउंसिल (NDC) की भारत और मिडिल ईस्ट की मैनेजिंग डायरेक्टर रिचा सिंह ने दैनिक भास्कर के अजय तिवारी के साथ खास बातचीत में यह सलाह दी। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश…..

कोई कैसे निश्चिंत हो कि उसने असली डायमंड खरीदा है?
हीरा खरीदते समय उसका सर्टिफिकेट जरूर लेना चाहिए। यह डायमंड की क्वालिटी और गुण का पासपोर्ट या पहचान पत्र होता है। इस सर्टिफिकेट के लिए हर नैचुरल डायमंड का जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका और इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट जैसी थर्ड पार्टी लैब में गहन परीक्षण किया जाता है। इस सर्टिफिकेट में डायमंड कहां से और कब निकाला गया है इसकी जानकारी होती है। साथ ही उसके गुणों तक विभिन्न पहलुओं को दर्ज किया जाता है।

डायमंड ज्वैलरी में किस तरह का ट्रेंड अब देखने को मिल रहा है?
कोविड के बाद लाइव रेड-कारपेट इवेंट्स वापस शुरू हो गई हैं, तो ब्रायोलेट शेप फिर से चलन में हैं। रोज़ कट डायमंड हमेशा से लोकप्रिय है, इसे एंगेजमेंट रिंग्स में भी पसंद किया जा रहा है। इस साल प्रमुख रूप से हूप्स विद ट्विस्ट, नैचुरल डायमंड जड़ी हीरो इयर रिंग्स सिल्हूट को पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा मिसमैच डायमंड भी इस साल फैशन में हैं जहां एक पीस ज्वैलरी में अलग-अलग कट डायमंड का कॉम्बिनेशन होता है।

लैब ग्रोन डायमंड मार्केट में आ रहे हैं? इसको आप कैसे देखती हैं?
नैचुरल डायमंड और लैब ग्रोन डायमंड, दोनों अलग-अलग प्रोडक्ट हैं। इनके टारगेट कस्टमर भी अलग हैं। नैचुरल डायमंड लग्जरी कैटेगरी में आता है। अरबों साल पुराने उपहार से भावनात्मक जुड़ाव इसकी कीमत बढ़ा देता है। नैचुरल डायमंड सदियों से फैशन का प्रतीक हैं और बने रहेंगे।

डायमंड की खरीदारी को लेकर रुझान में कुछ बदलाव हुआ है?
लोग अब पर्यावरण हितैषी प्रोडक्ट लेना चाहते हैं। 56 फीसदी उपभोक्ता पर्यावरण हितैषी डायमंड खरीदने के लिए 10 से 20 फीसदी अधिक भुगतान करने को तैयार हैं। लगभग 17 फीसदी उपभोक्ता सस्टेनेबल नैचुरल डायमंड खरीदने के लिए 25 फीसदी अधिक या उससे भी ज्यादा दाम चुकाने के लिए तैयार हैं।

नैचुरल डायमंड की खपत में भारत का दुनिया में क्या स्थान है?
ये तो सभी को पता है कि दुनिया का 90 फीसदी से ज्यादा डायमंड भारत में, खासतौर पर सूरत में कटिंग और पॉलिश किया जाता है। दुनिया के पॉलिश्ड डायमंड में भारत की 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। पॉलिश्ड डायमंड की खपत में भारत दुनिया के टॉप-5 देशों में शामिल है।

नैचुरल डायमंड काउंसिल क्या- क्या काम करती है?
यह काउंसिल दुनियाभर में नैचुरल डायमंड इंडस्ट्री की बेहतरी के लिए काम करती है। इंडस्ट्री के हमारे सदस्यों के साथ लगभग 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और उनके परिवार जुड़े हुए हैं। हम इंडस्ट्री से जुड़े मैन्युफैक्चरर्स, ज्वैलर्स, डिजाइनर्स जैसे विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ काम करते हैं। हम डायमंड डिजाइनर्स के काम को भी प्रदर्शित करते हैं।
-रिचा सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, नैचुरल डायमंड काउंसिल, इंडिया एंड मिडिल ईस्ट