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आपके फायदे की बात:बीते 1 साल में मल्टी कैप फंड्स ने दिया 62% तक का रिटर्न, कम रिस्क के साथ बेहतर रिटर्न के लिए कर सकते हैं निवेश

नई दिल्लीएक महीने पहले
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बीते एक साल में म्यूचुअल फंड की मल्टी-कैप स्कीम्स ने निवेशकों को 62% तक का रिटर्न दिया है। मल्टी-कैप स्कीम उन लोगों के लिए सही है जो कम रिस्क के साथ अपने निवेश पर अच्छा रिटर्न चाहते है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में मल्टी-कैप कैटिगरी बेहतर प्रदर्शन करने वाली कैटिगरी रही है। इस स्कीम ने कम और लंबी दोनों अवधि में निवेशकों को अच्छा फायदा दिया है। आप भी इसमें निवेश करके फायदा कमा सकते हैं।

मल्टी-कैप फंड क्या हैं?
मल्टी-कैप फंड के तहत लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप में निवेश किया जाताहै। उपरोक्त तीनों कटेगरी के अपने-अपने अवसर और जोखिम होते हैं, जिनको मल्टी-कैप अपने हिसाब से समावेश करता है। सेबी के नियमों के मुताबिक बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 100 कंपनियां लार्ज कैप होती हैं जबकि उसके बाद मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियां होती हैं।

मल्टी-कैप फंड्स में 75% पैसा इक्विटी में होता है निवेश
सेबी के नए नियमों के अनुसार मल्टी-कैप फंड में लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों में 25-25% हिस्सा रखना होगा। फंड मैनेजर को न्यूनतम 75% इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेश रखना होगा।

मान लीजिए फण्ड मैनेजर के पास निवेशकों का कुल 100 रुपए हैं। यहां फंड मैनेजर को न्यूनतम 75 रुपए इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेश करना होगा। जिसमें 25-25 रुपए लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों में लगाना होगा। बाकि बचे हुए 25 रुपए फंड मैनेजर अपने हिसाब से निवेश कर सकते है।

इनमें रहता है कम जोखिम
यदि आप इक्विटी फंड्स में इन्वेस्ट करना चाहते हैं लेकिन ज्यादा-रिस्की एक्सपोजर लेना नहीं चाहते, तो आप टॉप-रेटेड मल्टी-कैप फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन की दृष्टि से ये फंड्स अच्छी तरह डाइवर्सिफाइड भी होते हैं। ये फंड्स, मार्केट के स्थिर रहने पर, स्मॉल और मिड-कैप फंड्स की तुलना में कम रिटर्न दे सकते हैं लेकिन अस्थिर मार्केट कंडीशन में ये फंड्स कम रिस्की होते हैं। इसलिए, यदि आप एक ऐसा फंड चाहते हैं जिसमें काम रिस्क हो तो आप मल्टी-कैप फंड्स आपके लिए सही इन्वेस्टमेंट चॉइस हो सकता है।

कितना देना होता है टैक्स?
12 महीने से कम समय में निवेश भुनाने पर इक्विटी फंड्स से कमाई पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स लगता है। यह मौजूदा नियमों के हिसाब से कमाई पर 15% तक लगाया जाता है। अगर आपका निवेश 12 महीनों से ज्यादा के लिए है तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) माना जाएगा और इस पर 10% ब्याज देना होगा।

मल्टी कैप फंड्स में किसे निवेश करना चाहिए?
निवेशक जो इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन बहुत अधिक जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, इस फंड में निवेश कर सकते हैं। चूंकि, यह फंड मार्केट कैप पर निवेश करता है, इसलिए यह पोर्टफोलियो को अच्छा डायवर्सिफाइ कर देता है। जो निवेशक एक ही पोर्टफोलियो में जोखिम और अस्थिरता के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं, वे भी मल्टी-कैप फंड्स का विकल्प चुन सकते हैं।

बीते सालों में इन मल्टी-कैप फंड्स ने दिया शानदार रिटर्न

फंड का नामबीते 1 साल का रिटर्न (%)बीते 3 साल में औसत सालाना रिटर्न (% में)बीते 3 साल में औसत सालाना रिटर्न (% में)
प्रिसिपल मल्टी कैप ग्रोथ फंड62.114.315.7
आदित्य बिरला सन लाइफ इक्विटी फंड62.015.115.6
SBI मैग्नम मल्टीकैप फंड57.814.814.2
BNP परिबास मल्टी कैप फंड55.315.213.9
मिराए एसेट इंडिया इक्विटी फंड51.515.716.0