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  • Narendra Modi Cabinet: Rs 2500 Crores Infused In Oriental Insurance, National, United India Insurance Companies

कैबिनेट / तीन इंश्योरेंस कंपनियों के लिए 2500 करोड़ मंजूर; किसानों को कीटनाशक के नुकसान से बचाने के लिए नया बिल

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।

  • मेजर पोर्ट्स अथॉरिटी बिल को भी मंजूरी
  • विवाद से विश्वास बिल के प्रावधानों में संशोधन होगा

दैनिक भास्कर

Feb 13, 2020, 09:25 AM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने जनरल इंश्योरेंस की तीन कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के लिए 2,500 करोड़ रुपए तुरंत जारी करने की मंजूरी दे दी। इन कंपनियों की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया। इन कंपनियों के मर्जर की योजना है। किसानों को राहत देने के लिए पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल को मंजूरी दी गई है। इसके जरिए कीटनाशकों के कारोबार को रेग्युलेट किया जाएगा। यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को सुरक्षित और प्रभावी कीटनाशक दवाएं मिलें। किसानों को सभी भाषाओं में दवाओं के जोखिम और उनके विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। कीटनाशक विक्रेता को यह जानकारी देना अनिवार्य होगा। नए बिल में ऑर्गेनिक कीटनाशकों को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।

विवाद से विश्वास योजना का दायरा बढ़ाया
डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास बिल 2020 के प्रावधानों में संशोधन की मंजूरी दी गई है। ऋण वसूली प्राधिकरण (डीआरटी) में चल रहे केस भी अब इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। प्रत्यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) से जुड़े विवादों के जल्द निपटारे के लिए पिछले दिनों लोकसभा में यह बिल पेश किया गया था। इसमें कमिश्नर (अपील), इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे विवादों ही शामिल किया था। जिन लोगों के टैक्स विवाद चल रहे हैं वे विवाद से विश्वास स्कीम के तहत 31 मार्च 2020 तक सेटलमेंट कर सकते हैं। उन्हें ब्याज और पेनल्टी में रियायत मिलेगी, लेकिन 31 मार्च के बाद पेनल्टी और ब्याज की 10% रकम चुकानी पड़ेगी।

सरकारी बंदरगाहों की क्षमताएं बढ़ाने के लिए नया बिल
मेजर पोर्ट्स अथॉरिटी बिल को मंजूरी दी गई है। यह 1963 के उस कानून की जगह लेगा जिसके तहत अभी देश के 12 सरकारी बंदरगाहों का संचालन हो रहा है। सरकार का कहना है कि पोर्ट्स की क्षमताएं बढ़ाने के उद्देश्य से नया कानून लाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि नए बिल से बंदरगाहों को ज्यादा स्वायतत्ता (ऑटोनॉमी) मिलेगी और फैसलों में भी तेजी आएगी। इससे एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का व्यापार और रोजगार बढ़ेंगे।

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