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विदेशी निवेश:पेंशन सेक्टर में FDI की सीमा 74% हुई तो आप और आपकी नेशनल पेंशन स्कीम पर क्या होगा असर...जानिए

नई दिल्ली8 महीने पहले

सरकार पेंशन सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को बढ़ाकर 74% कर सकती है। इसको लेकर विधेयक संसद के मानसून सत्र में लाया जा सकता है। मौजूदा समय में पेंशन सेक्टर या पेंशन फंड में FDI की लिमिट 49% है। सीनियर इकॉनोमिस्ट वृंदा जागीरदार कहती हैं कि FDI से देश में बाहर से पैसा आता है। जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होता है। देश में 8.5 करोड़ लोग NPS और EPS से जुड़े हुए हैं।

पहले समझिए FDI क्या है?
FDI का मतलब होता है फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट या प्रत्यक्ष विदेशी निवेश। विदेश की कोई कंपनी यदि भारत की किसी कंपनी में सीधे पैसा लगा दे तो उसे एफडीआई कहेंगे। जैसे वॉलमार्ट ने पिछले साल में फ्लिपकार्ट में पैसा लगाया था। सरकार द्वारा हर सेक्टर में इसके अधिकतक निवेश की सीमा तय की है।

पेंशनधारक पर सीधा असर नहीं
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक व सीईओ पंकज मठपाल कहते हैं कि इससे आम आदमी के ऊपर कोई सीधा फर्क तो नहीं पड़ेगा। क्योंकि ये हिस्सेदारी पेंशन फंड मैनेजमेंट में होगी यानी सरकार की कमाई में होगी।

इसके अलावा जब कोई विदेशी कंपनी हमारे देश में आती है तो नई टैक्नोलॉजी लेकर आती है। इससे उस सेक्टर का मैनेजमेंट तो बेहतर बनता ही है इससे आम आदमी का काम काम ही आसानी से हो जाता है।

आर्थिक सपोर्ट में कारगर
सीनियर इकॉनोमिस्ट वृंदा जागीरदार कहती हैं कि FDI से देश में विदेशी निवेश आता है इससे अर्थव्यवस्था को सपोर्ट मिलता है। जिस सेक्टर में निवेश बढ़ता है उसमें रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इसके अलावा सरकार पर पैसा आता है जिसे जनता की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

आपकी सैलरी से कितना पैसा पेंशन फंड में?
नौकरीपेशा की सैलरी से कटने वाली रकम दो खातों में जाती है। पहला प्रोविडेंट फंड यानी EPF और दूसरा पेंशन फंड यानी EPS होता है। इसमें कुल रकम का 12% EPF कर्मचारी की ओर में जमा हो जाता है। वहीं, कंपनी की ओर से 3.67% EPF में जमा होता है। बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा हो जाता है। हालांकि, इसमें हर महीने 1,250 रुपए की अधिकतम सीमा है।

कितनी पेंशन मिलेगी ये कैसे तय होगा?
रिटायरमेंट के बाद आपको EPS योजना के तहत मासिक पेंशन कितनी मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पेंशन योग्य वेतन कितना है और आपने कितने सालों तक आपने नौकरी की है। किसी भी PF खाताधारक सदस्य की मासिक पेंशन राशि का कैलकुलेशन इस फॉर्मूला के अनुसार किया जाता है। फॉर्मूला: पेंशन = सैलरी X नौकरी के साल/70
अगर आपकी बैसिक सैलरी 10 हजार रुपए है और आपने 30 साल नौकरी की है तो आपकी पेंशन होगी 4286 रुपए (10,000X 30/70) होगी।

NPS अगर अलग ट्रस्ट बनता है तो क्या होगा?
सूत्रों के मुताबिक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट को भी PFRDA से अलग किया जा सकता है। अभी NPS ट्रस्ट PFRDA के अधीन हैं। संशोधन के बाद NPS ट्रस्ट को चैरिटेबल ट्रस्ट या कंपनीज एक्ट के दायरे में लाया जा सकता है। पंकज मठपाल के अनुसार इससे आपके इन्वेस्टमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा ये पहले की ही तरह जारी रहेगा। सरकार इस तरह के कदम आमतौर पर अपने किसी उपक्रम का भार कम करने के लिए करती है। ये सिर्फ बिजनेस को मैनेज करने का एक तरीका है।

NPS में फरवरी 2021 तक कुल 4.15 करोड़ लोगों ने निवेश किया है। इसमें 18 से 60 साल तक की उम्र के लोग इसमें निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम के तहत सभी सरकारी और निजी बैंकों में जाकर खाता खोला जा सकता है। NPS ग्राहकों को इक्विटी से एक साल में करीब 12.5-17% तक रिटर्न मिला है। प्रेफरेंशियल शेयर ने 12-14% मुनाफा दिया है, जबकि सरकारी बॉन्ड में निवेश के जरिए एनपीएस ग्राहकों ने 10-15% तक रिटर्न कमाया है।

देश में 8.5 करोड़ लोग ले रहे NPS और EPS का फायदा
देश में 8.5 करोड़ लोग NPS और EPS से जुड़े हुए हैं। फरवरी 2021 तक NPS में 4.15 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। वहीं EPS में 4.50 करोड़ से ज्यादा लोग योगदान कर रहे हैं।