रिपोर्ट / मकान मालिक को किराया बढ़ाने से तीन महीने पहले किराएदार को नोटिस देना होगा



Landlord will have to give notice to tenants three months before hiking rent
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Landlord will have to give notice to tenants three months before hiking rent

  • केंद्र सरकार मॉडल किराएदारी कानून लाने की तैयारी में, गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अंतिम रूप दिया जा रहा
  • मकान और दुकान मालिक दो माह से ज्यादा का किराया एडवांस नहीं मांग सकेंगे

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 11:43 AM IST

नई दिल्ली . केंद्र सरकार ने माॅडल किराएदारी कानून का प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव के अनुसार मकान मालिक काे किराया बढ़ाने से तीन माह पहले लिखित में नाेटिस देना हाेगा। वहीं मकान या परिसर खाली करने की नाेटिस अवधि बीतने के बाद भी उसमें किराएदार के रुके रहने पर उसे दाे बार दाेगुना किराया देना हाेगा और इससे ज्यादा समय तक रहने पर चार गुना ज्यादा किराया देना हाेगा।

 

देश में किराया कानून काे नए सिरे से लागू करने के लिए सरकार ने इसे तैयार किया है। प्रस्तावित कानून में जिला कलेक्टर काे किराएदारी प्राधिकरण नियुक्त करने की बात कही गई है। माॅडल किराएदारी कानून में मकान अथवा दुकान किराए पर लगाने वाले मकान मालिक किराएदार से एडवांस के नाम पर दो महीने के किराए की रकम से ज्यादा की मांग नहीं कर पाएंगे।

 

मकान मालिकाें की चिंता दूर करने के लिए सरकार यह कानून ला रही है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनाया गया मंत्रियों का समूह इस पर तेजी से काम कर रहा है। मंत्रियों के इस समूह में कानून मंत्री और आवास मंत्री शामिल हैं। इस मॉडल किराएदारी अधिनियम के मसौदे को लेकर जून में दो बैठकें हुईं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त महीने में इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। जुलाई के अंत में फिर बैठक होगी।

 

पुराने किराएदारी मामलाें में लागू नहीं हाेगा कानून : यह कानून पिछली तारीखों से लागू नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में एेसे हजारों प्रॉपर्टी मालिकों को कोई राहत नहीं मिलेगी, जिन्हें पुराने एग्रीमेंट्स के मुताबिक बेहद कम किराया मिल रहा है। विवादित मामलाें में चल रहे केस प्रभावित नहीं हाेंगे।

 

माॅडल कानून में ये प्रस्ताव

  • मकान मालिक को घर के मुआयने, रिपेयर से जुड़े काम या किसी दूसरे मकसद से आने के लिए 24 घंटों का लिखित नोटिस पहले देना हाेगा। 
  • रेंट एग्रीमेंट की समय सीमा से पहले किरायेदार को तब तक नहीं निकाला जा सकेगा, जब तक उसने लगातार दो महीनों तक किराया न दिया हो या प्राॅपर्टी गलत इस्तेमाल कर रहा हो। 
  • बिल्डिंग के ढांचे की देखभाल के लिए किरायेदार और मकान मालिक दोनों ही जिम्मेदार होंगे।  
  •  मकान में कुछ सुधार कराने या रेनोवेशन का काम खत्म होने के एक महीने बाद किराएदार की सहमित से किराया बढ़ा सकेगा मालिक। 
  • राज्य सरकारें अपनी इच्छा से यह कानून अपने यहां लागू कर सकेंगी।
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