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क्रूड / भारत की चिंता पर ओपेक ने दिया भरोसा, कहा- सप्लाई में कमी नहीं आएगी



OPEC reassure markets india complained about the pain of high prices
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OPEC reassure markets india complained about the pain of high prices

  • कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ रहे
  • भारत ने तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक को चिट्ठी लिखी थी
  • भारत की चिंता ये है कि कहीं सप्लाई घटी तो तेल और महंगा होगा
  • ओपेक 17 अक्टूबर को भारत से बातचीत करेगा
  • भारत ओपेक के सबसे बड़े ग्राहक देशों में शामिल
     

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 02:27 PM IST

लंदन. तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक ने इस बात का भरोसा दिया है कि तेल आपूर्ति में कमी नहीं आएगी। ओपेक के महासचिव मोहम्मद बरकिंदो ने गुरुवार को कहा कि भारत ने चिट्ठी लिखकर क्रूड की मौजूदा कीमतों पर चिंता जताई थी। इस बारे में 17 अक्टूबर को भारत से बात की जाएगी।

कच्चे तेल के रेट 4 साल में सबसे ज्यादा

  1. लंदन में ऑयल एंड मनी कॉन्फ्रेंस के दौरान बरकिंदो ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए ओपेक प्रोडक्शन कितना बढ़ाएगा?

  2. कच्चे तेल का रेट 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। यह नवंबर 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। भारत को इसका काफी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यहां पेट्रोल-डीजल के रेट लगातार बढ़ रहे हैं।

  3. सरकार ने 4 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल पर 1.5 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाई। तेल कंपनियों ने 1 रुपया कम किया। इस तरह ग्राहकों को 2.5 रुपए की राहत मिली। लेकिन, लगातार कीमतें बढ़ने और रुपए में गिरावट से सरकार का कदम बेअसर साबित हो रहा है।

  4. ईरान पर प्रतिबंध से सप्लाई घटने की आशंका

    ईरान पर 4 नवंबर से अमेरिकी प्रतिबंध लागू होंगे। इससे वहां तेल उत्पादन घटने की आशंका है। वेनेजुएला में राजनीतिक संकट की वजह से वहां भी प्रोडक्शन में कमी आई है। इन वजहों से क्रूड के रेट बढ़ रहे हैं।

  5. सऊदी अरब और रूस ने वेनेजुएला में कम उत्पादन की भरपाई के लिए अपने यहां तेल उत्पादन बढ़ाने के संकेत दिए थे। लेकिन, कारोबारियों का मानना है कि सऊदी अरब इस काम में तेजी नहीं दिखा रहा।

  6. ओपेक के महासचिव बरकिंदो का कहना है कि ऑयल मार्केट में संतुलन का हमेशा ध्यान रखा जाता है। लेकिन, सप्लाई घटने की आशंका में रेट बढ़ रहे हैं। जबकि, आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।

  7. विएना में 23 अक्टूबर को ओपेक की बैठक में उत्पादन और आपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। नॉन-ओपेक देशों के अधिकारी 7 नवंबर को बैठक करेंगे। दिसंबर तक पूरी योजना तैयार होने की उम्मीद है।

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