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सड़क-परिवहन मंत्रालय ने बनाया डिजिटल डाटा:देश की सड़कों पर 4 करोड़ से ज्यादा पुराने वाहन, 70 लाख गाड़ियों के साथ कर्नाटक टॉप पर

नई दिल्लीएक महीने पहले
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  • सड़क परिवहन मंत्रालय ने तैयार किया पुराने वाहनों का डाटा
  • पुराने वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने की तैयारी में मंत्रालय

देश की सड़कों पर 4 करोड़ से ज्यादा पुराने वाहन दौड़ रहे हैं। 70 लाख वाहनों के साथ कर्नाटक टॉप पर है। यह सभी वाहन ग्रीन टैक्स के दायरे में आते हैं। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश की सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों का डिजिटल डाटा तैयार किया है। हालांकि, इसमें आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के वाहनों की संख्या शामिल नहीं है। इन राज्यों के वाहनों का डाटा मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है।

राज्यों को भेजा ग्रीन टैक्स का प्रस्ताव

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स वसूलने के लिए प्रस्ताव राज्यों को भेज दिया है। मंत्रालय के डाटा के मुताबिक, पूरे देश में 4 करोड़ से ज्यादा वाहन 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। इसमें 2 करोड़ वाहन ऐसे हैं जो 20 साल से भी पुराने हैं। यह डिजिटल डाटा वाहन डाटाबेस के आधार पर तैयार किया गया है। डाटा के मुताबिक, 56.54 लाख पुराने वाहनों के साथ उत्तर प्रदेश का दूसरा नंबर हैं। प्रदेश में 24.55 लाख वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हैं।

पुराने वाहनों के मामले में दिल्ली दूसरे स्थान पर

पुराने वाहनों के मामले में राजधानी दिल्ली देश में तीसरे स्थान पर है। दिल्ली में कुल 49.93 लाख पुराने वाहन हैं। इसमें से 35.11 लाख वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हैं। दिल्ली के बाद केरल में पुराने वाहनों की संख्या 34.64 लाख है। जबकि 33.43 लाख वाहनों के साथ तमिलनाडु पांचवें स्थान पर है। पंजाब में पुराने वाहनों की संख्या 25.38 लाख है। पश्चिम बंगाल में 22.69 लाख पुराने वाहन वाहन हैं। महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में पुराने वाहनों की संख्या 17.58 लाख से 12.29 लाख के बीच है।

11 राज्यों में पुराने वाहनों की संख्या 5.5 लाख से कम

देश में 11 राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिनमें 15 साल से पुराने वाहनों की संख्या 5.5 लाख से कम हैं। इसमें झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, पुद्दुचेरी, असम, बिहार, गोवा, त्रिपुरा, दादरा-नागर हवेली और दमन-दीव शामिल हैं। इन राज्यों में पुराने वाहनों की संख्या 1 लाख से लेकर 5.44 लाख तक हैं। डाटा के मुताबिक, अन्य राज्यों में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या 1 लाख से कम है।

पुराने वाहनों पर जल्द ग्रीन टैक्स लगाना चाहती है सरकार

सरकार की योजना पुराने वाहनों पर जल्द से जल्द ग्रीन टैक्स लगाने की है ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके और प्रदूषण में कमी लाई जा सके। हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक व्हीकल और CNG, एथेनॉल व LPG जैसे वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को ग्रीन टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। मंत्रालय के मुताबिक, ग्रीन टैक्स से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए किया जाएगा।

इसी साल जनवरी में मिली थी ग्रीन टैक्स को मंजूरी

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसी साल जनवरी में पुराने वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। फिलहाल इस प्रस्ताव को राज्यों के पास भेजा गया है। राज्यों से सलाह के बाद इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। अभी कई राज्यों की ओर से विभिन्न दरों पर ग्रीन टैक्स वसूला जा रहा है। मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक, 8 साल से ज्यादा पुराने वाहनों से फिटनेस सर्टिफिकेट के रिन्युअल के समय रोड टैक्स का 10-25% ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा।

पर्सनल व्हीकल से रजिस्ट्रेशन रिन्युअल से समय ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा

प्रस्ताव के मुताबिक, पर्सनल व्हीकल से 15 साल बाद रजिस्ट्रेशन के रिन्युअल के समय ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहन जैसे सिटी बसों से कम ग्रीन टैक्स लिया जाएगा। जबकि अधिक प्रदूषित राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों से रोड टैक्स का 50% तक ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। पेट्रोल-डीजल और वाहन के प्रकार के आधार पर अलग-अलग ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। कृषि में इस्तेमाल होने वाले वाहन जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और टिलर भी ग्रीन टैक्स के दायरे से बाहर रहेंगे।

एक अलग खाते में रखी जाएगी ग्रीन टैक्स की राशि

मंत्रालय के मुताबिक, ग्रीन टैक्स के तौर पर वसूली गई राशि एक अलग खाते में रखी जाएगी और प्रदूषण से निपटने के लिए इस्तेमाल होगी। राज्यों को प्रदूषण पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित करनी होंगी। गडकरी ने कहा था कि ग्रीन टैक्स लगाए जाने से लोग प्रदूषण को नुकसान पहुंचाने वाले वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे और नए- कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

सरकार ने स्क्रैपिंग पॉलिसी भी पेश की

बीते सप्ताह ही सरकार ने व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी पेश की है। इस पॉलिसी के मुताबिक, पुराने वाहनों को स्क्रैप में बेचने पर खरीदारों को नया वाहन खरीदने पर 5% की छूट दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पॉलिसी को पेश करते हुए कहा था कि यह सभी के लिए अच्छी पॉलिसी है। इससे तेल की खपत और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट में वॉलेंट्री व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की थी। यह पॉलिसी 20 साल पुराने पर्सनल व्हीकल और 15 साल पुराने कमर्शियल व्हीकल पर लागू होगी।

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