पाकिस्तान / 3.3% की विकास दर से आगे बढ़ी अर्थव्यवस्था, सरकार ने 6.2% का अनुमान लगाया था

Dainik Bhaskar

May 10, 2019, 08:56 PM IST


प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
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प्रतीकात्मक फोटोप्रतीकात्मक फोटो

  • सरकार का अनुमान था कि कृषि 3.8%, उद्योग 7.6% और सर्विस सेक्टर 6.2% की विकास दर से आगे बढ़ेगा 
  • पाक मीडिया ने कहा- इमरान सरकार के बनाए लक्ष्य पूरे हो जाते तो जीडीपी 6.2% तक पहुंच जाती 
     

इस्लामाबाद. फंड की कमी से जूझ रही पाक सरकार को 2018-19 के दौरान आर्थिक मोर्चे पर गहरा झटका लगा है। सरकार ने विकास दर के 6.2% रहने का अनुमान लगाया था, जबकि यह 3.3% तक ही पहुंच सकी। सूत्रों का कहना है कि प्रमुख क्षेत्रों में 50% लक्ष्य ही पूरे हो सके, जिसकी वजह से विकास दर धीमी पड़ गई। 

इमरान के पहले साल पर लगी थी निगाहें

  1. प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार का यह पहला साल था और पाक की विकास दर पर सारे विश्व की निगाहें लगी हुई थीं, लेकिन कर्ज के बोझ तले दबे पाक को इमरान राहत नहीं दे सके। इमरान फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बेल आउट पैकेज हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं।

  2. सरकार का लक्ष्य कृषि को 3.8%, उद्योग को 7.6% और सर्विस सेक्टर को 6.2% की विकास दर से आगे बढ़ाना था, जबकि वित्त वर्ष खत्म होने पर कृषि की विकास दर केवल .85%, उद्योग की 1.4% और सर्विस सेक्टर की 4.7% रही।

  3. महंगाई ने पाकिस्तान के जनजीवन को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक स्तर पर ज्यादातर देश पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते नहीं रखना चाह रहे हैं। कारोबार कम होने के कारण देश की जनता को बहुत ज्यादा महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।

  4. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कंगाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए उसके सामने एक शर्त रखी है।इसके मुताबिक, पाकिस्तान को 2 साल में 700 अरब रुपए की टैक्स छूट वापस लेनी होगी। पाकिस्तान ने यह शर्त मान ली है। उसने टैक्स छूट को वापस लेने के लिए सहमति दे दी है। 
     

  5. सूत्रों के मुताबिक, टैक्स छूट वापस लेने से पाकिस्तान में महंगाई के आसमान पर पहुंचने की आशंका है। पाकिस्तान सरकार ने 2019-20 के बजट में विभिन्न करों में दी गई करीब 350 अरब रुपए की छूट वापस लेने शुरू कर दी है।

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