पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Business
  • Petrol And Diesel Sales Fell 17% In May Due To Strict Restrictions, Lowest In A Year

लॉकडाउन से फ्यूल डिमांड घटी:सख्त पाबंदियों से मई में पेट्रोल-डीजल की बिक्री 17% गिरी, एक साल में सबसे कम

मुंबई4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
भारत में 90%  फ्यूल आउटलेट हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरशन के हैं। - Dainik Bhaskar
भारत में 90% फ्यूल आउटलेट हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरशन के हैं।

एक तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, तो दूसरी ओर इसकी खपत में लगाता गिरावट दर्ज की जा रही है। सरकारी फ्यूल विक्रेता कंपनियों द्वारा जारी डेटा के मुताबिक मई में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पिछले महीने से 17% कम हुई। बिक्री में गिरावट की सबसे बड़ी वजह लॉकडाउन की सख्त पाबंदियां हैं।

पेट्रोल की बिक्री मई में घटकर 1.79 मिलियन टन रही
कार और मोटरसाइकिल में इस्तेमाल किए जाने वाले पेट्रोल की बिक्री मई में घटकर 1.79 मिलियन टन रही, जो सालभर में सबसे कम है। यह प्री-कोविड लेवल से 28% कम है, जो 2.49 मिलियन टन रहा था। जबकि मई 2021 में खपत का यह आंकड़ा पिछले साल मई से 13% ज्यादा है। क्योंकि इस बार के लॉकडाउन में काफी रियायतें रहीं। वहीं, पिछले साल दुनिया के सबसे सख्त लॉकडाउन से आवाजाही पूरी तरह से ठप रही थी।

डीजल की बिक्री में 17% की गिरावट
देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले डीजल की डिमांड गिरकर 4.89 मिलयन टन रही। यह अप्रैल से 17% कम है। भारत में 90% फ्यूल आउटलेट हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरशन के हैं।

जेट फ्यूल की बिक्री अप्रैल से 34% कम
आवाजाही पर सख्त पाबंदियों से हवाई जहाज की उड़ानें भी कम रही। इसी का नतीजा रहा कि जेट फ्यूल (ATF) की बिक्री मई में 2.48 लाख टन रही। यह अप्रैल 2021 से 34% और मई 2019 से 61.3% कम है। वहीं, मई 2020 में जेट फ्यूल की बिक्री एक लाख 9 हजार टन रही थी।

रसोई गैस की बिक्री भी 6% गिरी
इसी दौरान रसोई गैस LPG की सेल वॉल्यूम पिछले साल मई से 6% गिरकर 2.16 मिलियन टन रही। यह मई 2019 में 2.03 मिलियन टन रही थी। पिछले साल लॉकडाउन LPG ही एकमात्र ऐसा फ्यूल रहा था जिसकी डिमांड बढ़ी, क्योंकि सरकार ने लोगों को राहत पैकेज के जरिए फ्री सिलेंडर भी दिया था।

फ्यूल डिमांड बढ़ने की संभावना
इंडस्ट्री के अधिकारिक बयान में कहा गया कि हम मार्च 2021 प्री-कोविड लेवल तक पहुंचने वाले थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर से डिमांड कमजोर हो गई। क्योंकि लॉकडाउन से आवाजाही और इंडस्ट्रियल सामानों का मूवमेंट धीमा पड़ गया। हालांकि दूसरी लहर कमजोर होने से फ्यूल डिमांड मजबूत की संभावना है।