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  • Petrol In Delhi Also Crossed Rs 100 A Liter Today, So Far This Year Petrol Has Become Costlier By Rs 16.15

महंगाई की मार:दिल्ली में भी आज 100 रुपए लीटर के पार हुआ पेट्रोल, इस साल अब तक पेट्रोल 16.15 रुपए महंगा हुआ

नई दिल्ली25 दिन पहले
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आज इस महीने चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। इस बढ़ोतरी के साथ राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 100 रुपए लीटर के पार निकल गया है। यहां आज पेट्रोल 35 पैसे महंगा होकर 100.21 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं डीजल आज 17 पैसे महंगा होकर 89.53 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। देश के 20 राज्यों में पेट्रोल और 3 राज्यों में डीजल 100 रुपए प्रति लीटर के पार निकल गया है।

20 राज्यों में पेट्रोल और 3 राज्यों में डीजल 100 के पार निकला

देश के 16 राज्यों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मणिपुर, तेलंगाना, सिक्किम और राजस्थान के सभी जिलों में पेट्रोल 100 रुपए पर पहुंचा गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उड़ीसा, चंडीगढ़, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, पांडिचेरी, त्रिपुरा और लद्दाख में भी कई जगहों पर पेट्रोल 100 रुपए लीटर के पार निकल गया है। वहीं डीजल की बात करें तो ये उड़ीसा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 100 रुपए से भी ऊपर निकल गया है।

मई और जून में 16-16 बार बढ़े थे दाम
जून में फ्यूल प्राइसेज में 16 बार बढ़ोतरी हुई। राजधानी दिल्ली में जून में पेट्रोल 4 रुपए 58 पैसे और डीजल 4 रुपए 02 पैसे महंगा हुआ। इससे पहले मई में भी पेट्रोल-डीजल के दाम 16 बार बढ़े थे।

इस साल अब तक पेट्रोल 16.24 और डीजल 15.41 रुपए महंगा हुआ
इस साल 1 जनवरी को पेट्रोल 83.97 और डीजल 74.12 पर था, जो अब 100.21 और 89.53 रुपए प्रति लीटर पर है। यानी 6 महीनों में पेट्रोल 15.89 और डीजल 15.41 रुपए महंगा हुआ है।

कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट
कच्चे तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक प्लस (OPEC+) की बैठक में कुछ कंक्रीट फैसला नहीं हो पाया। इसलिए सोमवार को कच्चे तेल के बाजार में भारी तेजी दर्ज की गई थी। लेकिन मंगलवार को सुबह बाजार खुलते ही यह बरकरार नहीं रह पाई। अमेरिकी बाजार में मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक ब्रेंट क्रूड 3.72 फीसदी टूट चुका था। उस दिन शाम को कारोबार बंद होते समय ब्रेंट क्रूड ( 74.53 डॉलर प्रति बैरल पर था जो कि पिछले सोमवार के मुकाबले 2.52 डॉलर कम है। सोमवार को कच्चे तेल के दाम नवंबर 2014 के बाद 6 सालों के सबसे ऊंचे स्तर 76.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए थे।

कोरोना महामारी से उबर रही वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी तेल उत्पादक देशों की तेल बाजार पर नियंत्रण की क्षमता या उनके प्राइस वार पर निर्भर है। कुछ ऐसी ही स्थिति भारत की भी है। ओपेक प्लस देशों के बीच बातचीत के गतिरोध से अगस्त के बाद उत्पादन में होने वाली बढ़ोतरी की संभावना धूमिल हो गई है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के बाद तेल की डिमांड बढ़ रही है लेकिन उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं होने से सप्लाई का संकट पैदा हो रहा है।