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आर्थिक स्थिति कमजोर पर बिजनेस पर असर नहीं:दो तिहाई से ज्यादा कंपनियों का मुनाफा उम्मीद से बेहतर, अच्छी डील से ऑर्डर बुक शानदार रहा

मुंबई10 दिन पहले
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वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिए अब तक आए नतीजों से कॉरपोरेट सेक्टर की सकारात्मक तस्वीर उभरी है। महंगाई और बढ़ती ब्याज दरों के चलते चुनौतीपूर्ण माहौल में आधे से ज्यादा कंपनियों ने नतीजे घोषित कर दिए हैं और इनमें से दो तिहाई से अधिक का मुनाफा उम्मीद के मुताबिक या उससे ज्यादा रहा है। बैंकों और ऑटोमोबाइल कंपनियों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।

रिजल्ट में 68% कंपनियों का मुनाफा उम्मीद के मुताबिक
फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही के लिए अब तक जिन कंपनियों ने नतीजे जारी किए हैं, उनमें से 68% का मुनाफा बाजार की उम्मीद के मुताबिक या उससे ज्यादा रहा है। इनमें भी बीएफएसआई (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस), ऑटो और सीमेंट सेक्टर की कंपनियों ने बाकियों से बेहतर प्रदर्शन किया।

मेटल कंपनियों के मुनाफे में गिरावट
मेटल कंपनियों के मुनाफे में गिरावट आई, जबकि आईटी और ऑयल-गैस कंपनियों का मुनाफा करीब-करीब स्थिर रहा। FMCG कंपनियों में HUL का मुनाफा 17% बढ़ा, जबकि समग्र तौर पर इस सेक्टर के मुनाफे में कमी आई। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में कमजोर रिकवरी इस सेक्टर की कमजोर कड़ी बनी हुई है।

कमजोर आर्थिक माहौल से बिजनेस बेअसर
मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, ‘अर्थव्यवस्था में कमजोरी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ज्यादातर कंपनियों के प्रबंधन का कहना है कि उनके बिजनेस पर इसका कोई असर नहीं होगा। बीती तिमाही ज्यादातर कंपनियों ने अच्छी डील की और उनका ऑर्डर बुक शानदार है।’

बीती तिमाही सरकारी बैंकों का प्रदर्शन सबसे अच्छा
रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों के मुनाफे और एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। सरकारी बैंक इस मामले में सबसे आगे रहे हैं। इसके चलते बीते एक महीने से सरकारी बैंकों के शेयर सबसे उम्दा प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शुमार रहे हैं। इनका वैल्युएशन भी ऑल टाइम हाई पर पहुंच रहा है।

मारुति ने चौंकाया, पर टाटा मोटर्स का घाटा बढ़ा
बीती तिमाही मारुति सुजुकी का मुनाफा दोगुना होकर 1, 036 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। लेकिन टाटा मोटर्स का घाटा बढ़कर 4, 950 करोड़ हो गया, जो मार्च तिमाही में 992 करोड़ रुपए था। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्री का मुनाफा बढ़ने के बावजूद नतीजे बाजार के अनुमान से कमजोर रहे।