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1 जुलाई से शुरू हो सकता है बैड बैंक:NARCL में हिस्सेदारी खरीदेगा पंजाब नेशनल बैंक, 8 हजार करोड़ रुपए का एनपीए ट्रांसफर करने की तैयारी

नई दिल्ली6 दिन पहले
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पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने शनिवार को कहा कि वह नेशनल असेट रि-कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) यानी बैड बैंक में हिस्सेदारी खरीदेगा। PNB ने प्रस्तावित बैड बैंक को ट्रांसफर करने के लिए 8 हजार करोड़ रुपए के नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) की पहचान की है। बैंकों के फंसे हुए कर्ज या बुरी संपत्ति को टेकओवर करने और उनका समाधान करने वाले वित्तीय संस्थान को बैड बैंक कहा जाता है।

NARCL में सरकारी बैंकों की 51% हिस्सेदारी होगी

PNB के एमडी एसएस मल्लिकार्जुना राव ने कहा कि NARCL का गठन सभी बैंकों की ओर से किया जाएगा। सभी बैंक रिकवरी के लिए अपने एनपीए एडवांस NARCL को ट्रांसफर करेंगे। NARCL में सरकारी बैंकों की 51% हिस्सेदारी होगी। सरकारी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद हम दूसरे सबसे बड़े बैंक हैं। उन्होंने बताया कि NARCL में सभी बैंकों का योगदान होगा। लेकिन सभी की हिस्सेदारी 10% से कम होगी। राव का कहना है कि NARCL अगले महीने से शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां 30 जून तक पूरी होने की उम्मीद है। 1 जुलाई से NARCL काम करना शुरू कर देगा।

84 हजार करोड़ के एनपीए की पहचान

राव ने कहा कि पीएनबी ने पहली किस्त में NARCL को ट्रांसफर के लिए करीब 8 हजार करोड़ रुपए के एनपीए की पहचान कर ली है। इससे हमारे बकाए में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि NARCL को ट्रांसफर करने के लिए कुल 84 हजार करोड़ रुपए के एनपीए की पहचान की गई है। इसमें से अधिकांश एनपीए सरकारी बैंकों का है। पूंजी जुटाने के सवाल पर राव ने कहा कि बैंक ऐसी कोई योजना नहीं बना रहा है। बैंक के पास पर्याप्त मात्रा में पूंजी है।

पीएनबी ने पिछले महीने जुटाए थे 1800 करोड़ रुपए

उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2021 को बैंक का एडिकेसी रेश्यो 14.32% था। पिछले महीने क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटाए गए 1800 करोड़ रुपए से यह 14.62% पर पहुंच जाएगा। पीएनबी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर 53 करोड़ शेयर बेचकर 1800 करोड़ रुपए जुटाए थे। यह शेयर एलआईसी और सोसिएट जेनेराले जैसे निवेशकों को बेचे गए थे।

असेट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में होगी स्थापना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2021 को बैंकिंग सेक्टर के NPA संकट से निपटने के लिए एक संस्थान के गठन की घोषणा की थी। यह असेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) या असेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) जैसा संस्थान होगा। सामान्य तौर पर इसे बैड बैंक कहा जाएगा। बैड बैंक बैंकिंग सेक्टर के एनपीए का प्रोफेशनल तरीके से समाधान करेगा।

बैड बैंक को फ्रॉड लोन नहीं दिए जाएंगे

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई का कहना है कि फ्रॉड घोषित किए गए लोन बैड बैंक को नहीं दिए जाएंगे। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2020 तक 1.9 लाख करोड़ रुपए के लोन को फ्रॉड घोषित किया गया था। आरबीआई ने असेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनी को लेकर 2003 में रेगुलेटरी गाइडलाइंस जारी की थी।

नया नहीं है बैड बैंक का आइडिया

NPA की समस्या से निपटने का यह आइडिया नया नहीं है। 2018 में सरकार ने PSB की समस्या से निपटने के लिए 'प्रोजेक्ट सशक्त' लाने की घोषणा की थी। इसमें PSB के बैड लोन री-कंस्ट्रक्शन के लिए पांच पॉइंट की योजना बनाई गई थी।

क्या है बैड बैंक?

बैड बैंक सामान्य बैंक की तरह नहीं होता। इसका संबंध सिर्फ NPA से है। बैड बैंक को असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) भी कहा जाता है। यह दूसरे बैंकों के NPA को खरीदता है, और धीरे-धीरे उन कर्जों की वसूली करता है। इस तरह, लोन देने वाले बैंक की बैलेंस शीट में NPA कम हो जाता है।