पुष्य नक्षत्र आज:सोना खरीदने का बना रहे हैं प्लान तो हॉलमार्किंग और सोने की कीमत सहित इन 5 बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

आज पुष्य नक्षत्र है, अगले 10 दिनों में धनतेरस और दिवाली है। यह ऐसा समय है, जब सोना खरीदना शुभ माना जाता है। फिलहाल दाम भी रिकॉर्ड स्तर से करीब 8,500 रुपए प्रति दस ग्राम तक नीचे हैं। इस लिहाज से भी यह सोना खरीदने का अच्छा मौका है। अगर आप भी इस मौके पर सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नेशनल प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी उन सावधानियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाने से आपका सोना और भी सोणा बन जाएगा।

सिर्फ हॉलमार्क्ड आभूषण खरीदें
सिर्फ हॉलमार्क्ड गहने खरीदें। हालांकि सोने के गहनों की हॉलमार्किंग अनिवार्य है, लेकिन जिन ज्वैलर्स का सालाना कारोबार 40 लाख रुपए से कम है, उन्हें इससे छूट मिली हुई है। अच्छी बात यह है कि ग्राहक ऐसे ज्वैलर्स से भी हॉलमार्क्ड गहनों की मांग कर सकते हैं। ऐसे गहनों की शुद्धता पक्की होती है। मतलब यदि आपने 22 कैरेट के गहने खरीदे हैं तो हॉलमार्क इस बात की गारंटी होगा कि सोने की शुद्धता 91.6% से कम नहीं होगी।

गहने की बनवाई पर मोल-भावसोने की कीमत की जानकारी लें
यदि आप सोने की कीमतों में कमी आने का इंतजार कर रहे हैं तो घाटे में रह सकते हैं, क्योंकि कीमतें घटने की जगह बढ़ भी सकती हैं। आप इस मामले में कुछ ज्वैलर्स की राय ही ले सकते हैं। इसके अलावा सोने की सही कीमत देखने के लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। ऐसा करने पर आप अनजाने में महंगे गहने खरीदने से बच जाएंगे।

यदि आप सोने के गहने खरीद रहे हैं तो बनवाई (मेकिंग चार्ज) महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां मोल-भाव की खासी गुंजाइश रहती है। आप ज्वैलर से मेकिंग चार्जेस कम करने की मांग कर सकते हैं। गहनों की बनवाई कीमत का 10-30% हो सकती है। इसलिए यदि आप इसे कम करवाने में कामयाब रहते हैं तो बड़ी बचत हो सकती है। आप अलग-अलग ज्वैलरी हाउस के मेकिंग चार्जेस की तुलना भी कर सकते हैं।

गहनों के सही वजन की जांच जरूर करें
सोना बहुत महंगा होता है। इसलिए वजन में कुछ ग्राम का अंतर भी गहने की कीमत में बड़ा फर्क ला सकता है। इस मामले में बिल बहुत मायने रखता है। उस पर गहने का वजन लिखा होता है। यदि आपको गहने का वास्तविक वजन कम लगता हो तो आप ज्वैलर से इतर दूसरी जगह उसका वजन करवा सकते हैं। वजन कम रहने की स्थिति में आप बिल के साथ ज्वैलर्स के पास क्लेम कर सकते हैं।

ज्वैलर से बिल लेना ना भूलें
ज्वैलर्स से बिल लेना न भूलें। यदि आप कुछ साल बाद अपना सोना मुनाफे पर बेचना चाहेंगे तो कितना फायदे में हैं, यह जानने के लिए उसकी खरीद कीमत देखने की जरूरत होगी। यही नहीं, यदि कीमत, शुद्धता और मेकिंग चार्ज जैसे मसलों पर ज्वैलर के साथ कोई विवाद खड़ा होता है तो आप अपने दावे के लिए उसे बिल दिखा सकते हैं। इसके अलावा इनकम टैक्स के मामले में भी यह दस्तावेज काम आ सकता है।

इन्वेस्टमेंट अलर्ट
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की सातवीं किस्त सब्सक्रिप्शन के लिए सोमवार से खुल रही है। सोने में निवेश का यह विकल्प 29 अक्टूबर तक खुला रहेगा। निवेशकों को गोल्ड बॉन्ड 2 नवंबर को जारी होंगे। इस बार रिजर्व बैंक ने इसकी कीमत 4,765 रुपए प्रति ग्राम तय की है। ऑनलाइन पेमेंट करने पर 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट मिलेगी। इस पर सालाना 2.5% ब्याज भी मिलता है। अधिक जानाकरी के लिए यहां क्लिक करें