यात्री ट्रेनों के कम संचालन का फायदा मिला:रेलवे ने दिसंबर में रिकॉर्ड 6.87% ज्यादा सामान की ढुलाई की, कमाई में भी 8.54% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली10 महीने पहले
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रेलवे का कहना है कि महामारी की अवधि को क्षमता और प्रदर्शन में सुधार के अवसर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। - Dainik Bhaskar
रेलवे का कहना है कि महामारी की अवधि को क्षमता और प्रदर्शन में सुधार के अवसर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
  • दिसंबर 2020 में रेलवे ने 118.13 मिलियन टन सामान की ढुलाई की
  • इसमें सबसे ज्यादा 50.67 मिलियन टन कोयले की ढुलाई शामिल रही

यात्री ट्रेनों के कम संचालन का फायदा रेलवे को माल ढुलाई में मिल रहा है। भारतीय रेलवे ने दिसंबर 2020 में बीते साल के मुकाबले 6.87% ज्यादा सामान की ढुलाई की है। इस कारण रेलवे की माल ढुलाई से होने वाली कमाई में भी 8.54% की इजाफा हुआ है।

118.13 मिलियन टन सामान की ढुलाई

रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दिसंबर 2019 के 108.84 मिलियन टन के मुकाबले दिसंबर 2020 में रेलवे ने 118.13 मिलियन टन सामान की ढुलाई की है। इस अवधि में रेलवे ने सामान की ढुलाई से 11,788.11 करोड़ रुपए की कमाई की है। एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले इसमें 757.74 करोड़ या 6.87% की बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर 2019 में माल ढुलाई से रेलवे को 11,030.37 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी।

सबसे ज्यादा कोयले की ढुलाई

रिकॉर्ड के मुताबिक, दिसंबर 2020 में रेलवे ने सबसे ज्यादा 50.67 मिलियन टन कोयले की ढुलाई की है। इसके बाद 15.31 मिलियन टन के साथ आयरन ओरे का नंबर आता है।। इसके अलावा 6.13 मिलियन टन फूड ग्रेन, 5.23 मिलियन टन फर्टिलाइजर्स, 4.3 मिलियन टन मिनरल ऑयल और 7.46 मिलियन टन सीमेंट की ढुलाई की गई है। सरकार रेल के जरिए माल ढुलाई पर कारोबारियों को छूट देती है।

जीरो बेस्ड टाइम टेबल से सामान ढुलाई में सुधार होगा

रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आने वाले समय में जीरो बेस्ड टाइम टेबल से माल ढुलाई में सुधार होगा। रेलवे का कहना है कि महामारी की अवधि को क्षमता और प्रदर्शन में सुधार के अवसर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।