3 रुपए का शेयर 1700 रुपए पर पहुंचा:झुनझुनवाला लगातार टाइटन के बेच रहे शेयर, अब जून 2003 से भी कम हुई हिस्सेदारी

मुंबई6 महीने पहले
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  • झुनझुनवाला ने जून 2003 में 6 करोड़ शेयर 3 रुपए के भाव पर खरीदे थे
  • वे लगातार पिछली चार तिमाहियों से टाइटन के शेयरों को बेच रहे हैं

शेयर बाजार के सबसे बड़े व्यक्तिगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला टाटा ग्रुप की टाइटन में लगातार हिस्सेदारी घटा रहे हैं। अप्रैल से जून तिमाही के दौरान उन्होंने टाइटन के शेयर बेचे हैं। इससे अब उनकी हिस्सेदारी कंपनी में 4.81% पर आ गई है। यह जून 2003-04 से भी कम हो गई है।

4.81% हिस्सेदारी अभी भी रखे हैं

राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा, दोनों ने मिलाकर टाइटन में 4.81% हिस्सेदारी अभी भी रखी है। यह लगातार चौथी तिमाही रही है, जिसमें इन दोनों ने टाइटन के शेयर बेचे हैं। शेयर का भाव 1700 रुपए पर है। मार्च तिमाही में उनके पास 5.1% हिस्सेदारी थी। दोनों की हिस्सेदारी का मूल्य आज के भाव पर 7,230 करोड़ रुपए है।

2003-04 में खरीदे थे शेयर

राकेश झुनझुनवाला ने 2003-04 में टाइटन के 6 करोड़ शेयर 3 रुपए की कीमत पर खरीदे थे। आज यह शेयर 566 गुना का फायदा झुनझुनवाला को दे चुका है। 2018 में उनके पास टाइटन का 5.72% हिस्सा था। कंपनी ने मार्च 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में 876 करोड़ रुपए का फायदा कमाया था, जबकि इसकी रेवेन्यू 20,601 करोड़ रुपए थी। मार्च 2020 में यह फायदा 1,517 करोड़ रुपए था। 2019 में 1,374 करोड़ रुपए का फायदा कंपनी ने कमाया था।

मार्च तिमाही में 22.50 लाख शेयर बेचे

राकेश झुनझुनवाला ने मार्च तिमाही में 22.50 लाख शेयर बेचे थे। हालांकि, उनकी पत्नी के पास मार्च में 96.40 लाख शेयर थे। अभी दोनों के पास 4.26 करोड़ शेयर हैं। इस कंपनी का शेयर जून के पहले हफ्ते में 1,800 रुपए पर चला गया था। एक साल में इसमें 91% की बढ़त दिखी है। इस महीने में हालांकि, इसके भाव में 2.6% की गिरावट आई है।

बेचे गए शेयर की वैल्यू 384 करोड़ रुपए

झुनझुनवाला ने अप्रैल से जून के दौरान जो शेयर बेचे हैं उसकी कुल वैल्यू 384 करोड़ रुपए रही है। हालांकि, इसी दौरान विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 18.41% कर ली है जो पहले 16.06% थी। कंपनी में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC की हिस्सेदारी 3.96% है। यह मार्च में 3.91% थी। ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस की हिस्सेदारी इसमें 1.08% है।

म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है। उनकी हिस्सेदारी अब 4.03% है, जो पहले 4.36% थी। रिटेल निवेशकों की होल्डिंग 9.03% से घट कर 8.93% पर आ गई है।