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  • Rana Kapoor's Daughters Rakhi Kapoor Tandon, Roshni Kapoor And Radha Kapoor Accused Of Taking Rs 600 Crore From DHFL; Stopped At Mumbai Airport While Boarding Flight To London

राणा की बेटियों पर डीएचएफएल से 600 करोड़ रुपए लेने का आरोप, डीएचएफएल का 3,700 करोड़ रुपए का लोन एनपीए

एक वर्ष पहले
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  • इसके अलावा 5,000 करोड़ रुपए के लेनदेन की भी हो रही पड़ताल

मुंबई/नई दिल्ली. यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर की गिरफ्तारी के बाद उनकी बेटियां राखी कपूर टंडन, रोशनी कपूर और राधा कपूर भी फंसती नजर आ रही हैं। ईडी अधिकारियों ने इन तीनों के घर छापेमारी कर उनसे भी पूछताछ की है। ईडी इस बात की जांच कर रहा है कि राणा और उनकी दो बेटियों की डमी कंपनी ‘अर्बन वेंचर्स’ को घोटालेबाजों से 600 करोड़ की रिश्वत मिली थी या नहीं।


सूत्रों के मुताबिक यस बैंक ने डीएचएफएल को 3,700 करोड़ का लोन दिया था। जब डीएचएफएल के कर्ज की राशि लौटाने में विफल रही, तब कंपनी की ओर से ड्यूट अर्बन वेंचर्स प्रा.लि. को 600 करोड़ रुपए दिए गए। बैंक ने इस कर्ज को एनपीए में डाल दिया। अर्बन वेंचर्स में राणा कपूर की बेटियां राधा और रोशनी डायरेक्टर हैं।

दर्जनों मुखौटा कंपनियां जांच के घेरे में

डीएचएफएल द्वारा 79 डमी कंपनियां को दिए गए 4,450 करोड़ रुपए भी जांच के घेरे में
ईडी को इस बात का शक है कि डीएचएफएल से जुड़े 4,450 करोड़ रुपए के कर्ज की राशि उस 13,000 करोड़ रुपए का हिस्सा है जो डीएचएफएल की ओर से 79 डमी कंपनियों को कथित तौर पर दी गई। इन्हीं कंपनियों में अर्बन वेंचर्स भी शामिल है। सूत्रों का कहना है कि राणा कपूर की पत्नी बिंदू कपूर और तीनों बेटियों- राखी, रोशनी और राधा के संबंध ऐसी कुछ कंपनियों से हैं, जिन्हें गलत तरीके से पैसे ट्रांसफर किए गए। नवंबर 2019 में राणा कपूर ने यस बैंक में अपने पूरे शेयर बेच दिए, जबकि वे बार-बार इससे मना करते आ रहे थे।

आरोपी कंपनी रोशनी और राधा कपूर के नाम
यस बैंक ने ट्रिपल ए रेटिंग वाली डीएचएफएल कंपनी को करीब 3700 करोड़ रु. का कर्ज दिया था। बाद में डीओआईटी कंपनी ने डीएचएफएल से करीब 600 करोड़ रु. का उधार लिया था। यह डीओआईटी कंपनी राणा कपूर की दो बेटियों राधा कपूर और रोशनी कपूर के नाम है।

इंडियाबुल्स के बॉन्ड के 662 करोड़ बकाया
इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के मुताबिक यस बैंक के पास बॉन्ड के रूप में 662 करोड़ रुपए बकाया हैं। 20,000 करोड़ रुपए से अधिक के ट्रेजरी मैनेजमेंट के तहत उसने 2017 में यस बैंक के एटी-1 बांड में यह निवेश किया था। कंपनी का कहना है कि यस बैंक का कोई कर्ज बकाया नहीं है।