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एमपीसी बैठक:आरबीआई ने की 1 लाख करोड़ रु. के ऑन-टैप टीएलटीआरओ की घोषणा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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1 लाख करोड़ रुपए का यह टीएलटीआरओ 3 साल तक की अवधि के लिए रेपो पॉलिसी से लिंक्ड फ्लोटिंग रेट पर जारी किया जाएगा। - Dainik Bhaskar
1 लाख करोड़ रुपए का यह टीएलटीआरओ 3 साल तक की अवधि के लिए रेपो पॉलिसी से लिंक्ड फ्लोटिंग रेट पर जारी किया जाएगा।
  • फाइनेंशियल मार्केट में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए आरबीआई का फैसला
  • 31 मार्च 2021 तक उपलब्ध होगी स्कीम, राशि में हो सकती है बढ़ोतरी

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कई उपायों की घोषणा की। इसमें 1 लाख करोड़ रुपए के ऑन-टैप टारगेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (टीएलटीआरओ) भी शामिल है। खास सेक्टर्स में आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने और फाइनेंशियल मार्केट में लिक्विडिटी को बनाए रखने के लिए आरबीआई ने यह फैसला लिया है।

आरबीआई ने मार्च में लॉन्च किया था टीएलटीआरओ

रिजर्व बैंक ने मार्च के अंत में हुई एमपीसी की बैठक के बाद टीएलटीआरओ को लॉन्च किया था। इसे सिस्टम, खासतौर पर कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एक टूल के तौर पर लॉन्च किया गया था। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस नए टीएलटीआरओ में खास सेक्टर्स में एक्टिविटी बढ़ाने के लिए लिक्विडिटी उपलब्ध कराने पर फोकस किया है। इससे बैकवर्ड एंड फॉरवर्ड लिंकेज और ग्रोथ पर मल्टीप्लायर प्रभाव होगा।

कॉरपोरेट बॉन्ड में डिप्लॉय की जा सकेगी लिक्विडिटी

दास के मुताबिक, इस स्कीम के तहत बैंकों को जो लिक्विडिटी उपलब्ध होगी, उसको वह कॉरपोरेट बॉन्ड, कमर्शियल पेपर और नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर्स (एनसीडी) में डिप्लॉय कर सकेंगे। हालांकि, यह डिप्लॉयमेंट 30 सितंबर 2020 से पहले खास सेक्टर के लिए जारी किए गए कॉरपोरेट बॉन्ड, कमर्शियल पेपर और एनसीडी में किया जा सकेगा।

तीन साल के लिए जारी किया जाएगा टीएलटीआरओ

1 लाख करोड़ रुपए का यह टीएलटीआरओ 3 साल तक की अवधि के लिए रेपो पॉलिसी से लिंक्ड फ्लोटिंग रेट पर जारी किया जाएगा। यह स्कीम 31 मार्च 2021 तक उपलब्ध रहेगी। इस स्कीम को मिलने वाले रेस्पॉन्स के आधार पर राशि बढ़ाने का विकल्प खुला रहेगा। स्कीम के तहत उपलब्ध लिक्विडिटी को चयनित सेक्टर के लिए बैंक लोन और एडवांस के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस फैसिलिटी के तहत सभी एक्सपोजर को लार्ज एक्सपोजर फ्रेमवर्क से छूट मिलेगी।

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