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राहत:RBI ने सभी लेंडर्स को दिया निर्देश; कहा- ब्याज पर ब्याज की माफी योजना को लागू करें

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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  • यह अवधि एक मार्च से 6 महीने तक की अवधि के दौरान लिए गए मोरेटोरियम की है
  • इस फैसले से लोन लेने वाले इंडिविजुअल और एमएसएमई को बड़ी राहत मिलेगी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को सभी बैंकों और एनबीएफसी से कहा है कि वे 2 करोड़ रुपए तक के कर्ज पर 6 महीने के मोरेटोरियम अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज की माफी की योजना को लागू करें। यह अवधि एक मार्च से 6 महीने तक की अवधि के दौरान लिए गए मोरेटोरियम की है।

बता दें कि आरबीआई के इस फैसले से लोन लेने वाले इंडिविजुअल और एमएसएमई को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर कहा था कि वह मोरेटोरियम अवधि के छह महीनों के ब्याज पर ब्याज की माफी को तैयार है।

सरकार ने पिछले हफ्ते इस मामले में हलफनामा पेश किया था। हलफनामे में कहा गया था कि कोरोना महामारी में विभिन्न क्षेत्रों को ज्यादा राहत देना संभव नहीं है। साथ ही सरकार ने जोर देकर कहा कि अदालतों को राजकोषीय नीति (फिस्कल पॉलिसी) में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को सरकार ने बताया कि विभिन्न सेक्टर्स को पर्याप्त राहत पैकेज दिया गया है। मौजूदा महामारी के बीच सरकार के लिए संभव नहीं है कि इन सेक्टर्स को और ज्यादा राहत दी जाए।

2 करोड़ तक के लोन पर चक्रवृद्धि ब्याज माफ

सरकार ने हलफनामे में कहा था कि 2 करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने के अलावा कोई और राहत राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र के लिए हानिकारक है। पहले दाखिल किए गए हलफनामे में केंद्र सरकार ने 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर 'ब्याज पर ब्याज' माफ करने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि ब्याज पर जो राहत देने की बात की गई है, उसके लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किसी तरह का दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया।

बैंकों ने ब्याज पर ब्याज लेना शुरू कर दिया है

इससे पहले सुनवाई में व्यक्तिगत कर्जदारों की ओर से पिटीशंस में कहा गया कि बैंक ने ब्याज पर ब्याज लेना शुरू कर दिया है। इसलिए इसे तुरंत रोकने की जरूरत है। जबकि रियल इस्टेट की संस्था क्रेडाई की ओर से कहा गया कि हम इससे बाहर हैं। हमें कहा गया है कि बैंकों के साथ हम इस समस्या का हल निकालें। हालांकि बिल्डर जिन दिक्कतों का सामना कर रहे हैं उसका यह जवाब नहीं है।

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