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  • Reserve Bank Reduced The GDP Growth Rate Estimate By 1%, Shaktikanta Das | RBI GDP Forecast For India 2021 22; Governor Shaktikanta Das Sees's India Growth At 9.5 PerCent Earlier Estimated At 10.5%, Now 9.5%

हॉस्पिटालिटी सेक्टर को 15 हजार करोड़ मिलेंगे:रिजर्व बैंक का फैसला-आपकी किस्त में कोई कमी नहीं, डिपॉजिट करने वालों की भी ब्याज दर में कोई कमी नहीं

मुंबई2 महीने पहले
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  • इस चालू वित्त वर्ष में सभी एजेंसियों ने अपने अनुमानों को बदल दिया है
  • ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर से राज्यों ने लॉकडाउन लगा दिया है

आपने लोन लिया है तो आपकी ब्याज दरें जस की तस यानी किस्त उतनी ही रहेगी। अगर आपके पैसे बैंक में जमा हैं तो आपको उतनी ही ब्याज मिलेगी। साथ ही हॉस्पिटालिटी सेक्टर को 15 हजार करोड़ रुपए की उधारी दी जाएगी। यह फैसला रिजर्व बैंक ने लिया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर के अनुमान में कमी की है। इसने कहा है कि इस चालू वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच GDP की ग्रोथ रेट 9.5% रह सकती है। पहले यह अनुमान 10.5% का था।

मॉनिटरी कमिटी की मीटिंग का अंतिम दिन

रिजर्व बैंक ने आज अपनी मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक के अंतिम दिन फैसलों को घोषित किया। इसके मुताबिक उसने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे जिन लोगों ने लोन लिया है, उनकी किस्त में कोई कमी नहीं होगी। हालांकि राहत की बात यह है कि जिन लोगों के पैसे बैंक में जमा हैं, उनके भी जमा पर ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं होगी।

ब्याज में कटौती का असर लोन लेने वाले और डिपॉजिट वालों पर भी पड़ता है

अमूमन जब भी रिजर्व बैंक दरों में कटौती करता है तो उसका असर लोन लेने वालों और बैंक में पैसा जमा करने वालों दोनों पर पड़ता है। लोन लेने वाले की ब्याज दर कम हो जाती है तो डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज में भी कमी आ जाती है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि शहरी मांग में कमी और गांवों में कोविड के बढ़ते संक्रमण से विकास में बाधा और जोखिम पैदा हो रहा है। महंगाई में हाल ही में गिरावट से थोड़ी राहत जरूर मिली है जो सभी पक्षों से पॉलिसी को सपोर्ट करने और विकास की गति हासिल करने के लिए आवश्यक है।

मानसून से आर्थिक रिकवरी को मदद मिलेगी

उन्होंने कहा कि सामान्य मानसून आर्थिक रिकवरी के लिए सहायक सिद्ध होने वाला है। वैश्विक मांग में खुशहाली लौटने लगी है, जो भारत के निर्यात क्षेत्र को मजबूत करेगा। मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने कंज्यूमर प्राइस महंगाई की दरों को इस चालू वर्ष में 5% से ऊपर रहने का अनुमान लगाया है। रिजर्व बैंक 17 जून को 40 हजार करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियों यानी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज की खरीदी करेगा। जबकि दूसरी तिमाही में 1.20 लाख करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूति खरीदी जाएगी।

हॉस्पिटालिटी सेक्टर को 15 हजार करोड़ रुपए

हॉस्पिटालिटी सेक्टर को रिजर्व बैंक ने 15,000 करोड़ रुपए की मदद देने की बात कही है। इसी के साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने सिडबी को 16 हजार करोड़ रुपए की सुविधा दी है ताकि यह पैसा रीफाइनेंस और उधारी के लिए दिया जा सके। इसी के साथ छोटे कारोबारियों और व्यक्तिगत लोगों को लोन की सुविधा को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दिया है। पहले यह 25 करोड़ रुपए था। रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है।

बैंकों ने रेपो रेट का उपयोग किया

ज्यादातर बैंकों ने रेपो रेट को अपने लोन के लिए बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल किया है। रेपो रेट पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर होने के कारण, यह कम ब्याज दर का सिलसिला उधारकर्ताओं के लिए अच्छी तरह से काम करता आ रहा है। रेपो रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं होने से, नए उधारकर्ता जो निकट भविष्य में होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपने घर खरीदने की प्रक्रिया के लिए अधिक समय मिलेगा और फिलहाल जो इंटरेस्ट रेट है उनसे भी कम दरों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं