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  • RBI Governor Stressed The Need For Defining Fiscal Roadmap, Warned Financial Markets To Be Prepared For Halt In Global Inflows

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RBI की चेतावनी:अचानक रुक सकता है विदेशी निवेश का प्रवाह, तैयार रहे बाजार; सरकार को आमदनी और खर्च में तालमेल बढ़ाने की जरूरत

3 महीने पहले
  • RBI के गवर्नर ने कहा, सरकार को इकोनॉमी पर पड़ने वाले मल्टीप्लायर इफेक्ट को ध्यान में रखकर खर्च करने की जरूरत
  • सरकारी और निजी बैंकों को पूंजी जुटाने की कोशिश तेज करने की जरूरत, कमजोर वित्तीय स्थितियों का फायदा उठाना चाहिए

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सरकार को अपनी आमदनी बेहतर तरीके से खर्च करते हुए उसको फिस्कल कंसॉलिडेशन का खाका खींचने की जरूरत पर जोर दिया है। दास ने मल्टीप्लायर इफेक्ट का जिक्र करते हुए कहा है कि सरकार को इस तरह से खर्च करना चाहिए कि उससे अर्थव्यवस्था में गुणात्मक बढ़ोतरी हो। यह बात RBI के गवर्नर ने एक वर्चुअल इवेंट में तब कही हैं, जब वित्त वर्ष 2021-22 का बजट आने में दो हफ्ते रह गए हैं।

इक्विटी में दिलचस्पी घटने पर थम सकता है फॉरेन इनफ्लो

उन्होंने वित्त बाजारों से कहा है कि इक्विटी में निवेशकों की दिलचस्पी घटने पर देश में बाहर से पैसों का आना अचानक बंद हो सकता है। पिछले नौ महीनों में विदेशी निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजारों में जमकर पैसा लगाया। पिछले साल उनकी तरफ से घरेलू बाजार में 20 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश आया।

RBI के कदमों से कोविड का असर कम करने में मदद मिली

RBI ने हाल में जो रिवर्स रेपो रेट ऑक्शन कराए हैं, उससे चिंता बढ़ी कि कोविड-19 के असर को कम करने लिए उठाए कुछ कदमों को वापस ले सकता है। इस पर दास ने कहा कि रिजर्व बैंक इकनॉमी की जरूरत के हिसाब कदम उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि RBI के उठाए कदमों से इकोनॉमी पर कोविड-19 का असर कम करने में मदद मिली है। फाइनेंशियल सिस्टम को सुचारू रखने के लिए उसने शुरुआती महीनों में GDP के 6.3% के बराबर की लिक्विडिटी सिस्टम में डाली थी।

मल्टीप्लायर इफेक्ट को ध्यान में रखकर खर्च करने की जरूरत

RBI गवर्नर ने कहा कि कोविड-19 के चलते दुनिया भर के देशों का फिस्कल डेफिसिट ऊंचे स्तर पर रह सकता है। ऐसे में सरकार के लिए अपने खर्च के हिसाब से फिस्कल कंसॉलिडेशन का खाका तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना होगा कि उसके खर्च से इकोनॉमी पर मल्टीप्लायर इफेक्ट हो। मतलब, अगर वह सौ रुपये खर्च करती है तो उसके इस्तेमाल से जीडीपी में सौ रुपये से काफी ज्यादा का योगदान हो।

सरकारी और निजी बैंकों को पूंजी जुटाने का प्रयास तेज करना होगा

RBI गवर्नर ने सरकारी और निजी, दोनों बैंकों को पूंजी जुटाने की कोशिश तेज करने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बैंकों को कमजोर वित्तीय स्थितियों का फायदा उठाना चाहिए ताकि बैलेंसशीट को हेल्दी बनाए रखते हुए इकोनॉमिक रिकवरी में योगदान कर सकें। दास ने कहा कि रिजर्व बैंक फाइनेंशियल एंटिटीज के सुपरविजन की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए ऑफसाइट यूनिट में डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहा है। इससे नियमों के उल्लंघन से निपटने में ऑनसाइट सुपरवाइजरों को मदद मिल रही है।

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