HDFC को 50 हजार करोड़ का प्राॅफिट:बिना ओनरशिप वाले ग्रुप का M-Cap बीएसई पर दूसरे नंबर पर, 2.51 लाख करोड़ का रेवेन्यू

मुंबईएक वर्ष पहले
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  • HDFC ग्रुप की करीबन 74% हिस्सेदारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के पास है। बाकी में घरेलू और अन्य दूसरे निवेशक हैं
  • इन कंपनियों की प्रमोटर्स मूलरूप से एचडीएफसी लिमिटेड है जिसमें एफआईआई की ज्यादा होल्डिंग है

HDFC ग्रुप ने पिछले हफ्ते देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस ग्रुप को मार्केट कैपिटलाइजेशन (एम-कैप) में पीछे छोड़ दिया। HDFC ग्रुप, इंफोसिस जैसी कंपनी है जिसे प्रोफेशनल्स चलाते हैं। किसी भी व्यक्ति या परिवार के पास ग्रुप की 4% भी हिस्सेदारी नहीं है।

HDFC में कोई ओनरशिप नहीं है। पूरे ग्रुप की करीबन 74% हिस्सेदारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के पास है। बाकी में घरेलू और अन्य दूसरे निवेशक हैं।

HDFC का फायदा- 50 हजार करोड़ रुपए
पूरे ग्रुप के कारोबार की बात करें तो मार्च 2020 में खत्म हुए वित्त वर्ष में कुल रेवेन्यू 2.51 लाख करोड़ रुपए रहा। कुल फायदा 50 हजार 250 करोड़ रुपए था। 25 नवंबर को कुल मार्केट कैप 13.54 लाख करोड़ रुपए रहा है। ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी HDFC बैंक है। 25 नवंबर को बैंक ने पहली बार 8 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप को छू लिया। हालांकि, बाद में यह 7.72 लाख करोड़ रुपए के साथ बंद हुआ।

1995 में लिस्ट हुआ था HDFC बैंक
8 नवंबर 1995 को HDFC बैंक शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। उस समय इसका मार्केट कैप 400 करोड़ रुपए था। भारतीय बैंकिंग इंडस्ट्री में 26 साल तक MD-CEO का रिकॉर्ड इसी बैंक के हालिया रिटायर हुए आदित्य पुरी के नाम रहा है। वे ऐसे प्रोफेशनल बैंकर थे, जो न तो मोबाइल फोन रखते थे और न ही 5.30 के बाद ऑफिस में होते थे।

मार्च में बैंक का रेवेन्यू 1.14 लाख करोड़
मार्च 2020 में बैंक का कुल रेवेन्यू 1.14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा, फायदा 26 हजार 257 करोड़ रुपए रहा। बैंक के शेयरों ने जनवरी से अब तक 14% का रिटर्न दिया है। जनवरी में एक शेयर का भाव 1,225 रुपए था, जो अब 1464 पर कारोबार कर रहा है।

HDFC लिमिटेड दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
इस ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी HDFC लिमिटेड है। मुख्य रूप से हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की इस कंपनी का रेवेन्यू 1.01 लाख करोड़ रुपए रहा है। फायदा 21,434 करोड़ रुपए रहा। बैंक के बाद यह ग्रुप की यह दूसरी लिस्टेड कंपनी थी। यह 23 अक्टूबर 1996 को लिस्ट हुई थी। इसका मार्केट कैप करीब 4 लाख करोड़ रुपए है। इसके शेयर ने 9.25% का घाटा दिया। जनवरी में शेयर 2,412 रुपए पर था जो अब 2,190 रुपए पर है।

तीसरी सबसे बड़ी कंपनी HDFC लाइफ इंश्योरेंस
ग्रुप की तीसरी बड़ी कंपनी HDFC लाइफ इंश्योरेंस जीवन बीमा के कारोबार में है। इसका रेवेन्यू 32 हजार 244 करोड़ रुपए है। इसका फायदा 1,297 करोड़ रुपए रहा है। मार्केट कैप 1.34 लाख करोड़ रुपए है। इसके शेयर ने 10% का फायदा दिया है। जनवरी में शेयर यह 599 रुपए पर था जो अब 665 रुपए पर है।

चौथी कंपनी म्यूचुअल फंड
चौथी कंपनी म्यूचुअल फंड में कारोबार करती है। HDFC एसेट मैनेजमेंट का रेवेन्यू 2,143 करोड़ रुपए, जबकि फायदा 1,262 करोड़ रुपए रहा है। 53 हजार करोड़ इसका मार्केट कैप है। इसके शेयर ने इस साल 21.39% का घाटा दिया। यह जनवरी में 3,173 रुपए पर था, जो अब 2,512 रुपए पर कारोबार कर रहा है। असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के लिहाज से यह देश में म्यूचुअल फंड में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसका AUM 3.75 लाख करोड़ रुपए रहा है।​​​​​​​

ग्रुप की 74% हिस्सेदारी FII के पास
HDFC देश का एक ऐसा ग्रुप है, जिसकी 74% के करीब होल्डिंग विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के पास है। यानी इसमें कोई ओनरशिप नहीं है। विदेशी निवेशकों में भी सैकड़ों इन्वेस्टर्स हैं। इन कंपनियों की प्रमोटर्स मूलरूप से HDFC लिमिटेड है, जिसमें FII की ज्यादा होल्डिंग है। इसका कारोबार बहुत ही सीमित सेक्टर में है। इसमें बैंकिंग, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड और बीमा के साथ ब्रोकिंग है।