रिपोर्ट / रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ब्रिटेन की 259 साल पुरानी टॉय कंपनी हेमले को खरीदा

Dainik Bhaskar

May 09, 2019, 09:37 PM IST


Reliance Industries acquires British toy-maker Hamleys
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Reliance Industries acquires British toy-maker Hamleys

  • 1760 में लंदन से शुरू हुई हेमले का स्वामित्व पहले चीन की सी डॉट बैनर इंटरनेशनल के पास था
  • देश में खिलौनों के बाजार का वैल्यूएशन 1.5 अरब डॉलर, दुनियाभर में 11 अरब डॉलर

मुंबई. मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ब्रिटेन की 259 साल पुरानी टॉय कंपनी हेमले को खरीद लिया है। हालांकि सौदे की कीमत का खुलासा अभी नहीं हुआ है। पिछले दिनों न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि दोनों कंपनियों के बीच इस मामले पर बात चल रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल यूनिट रिलायंस रिटेल एग्रीमेंट के तहत देश में हेमले के उत्पाद पहले से ही बेचती आ रही है।

चौथी बार बदला हेमले का मालिकाना हक

  1. चौथी बार हेमले के मालिकाना हक वाली कंपनी बदल गई है। इससे पहले हेमले चीन के सी डॉट बैनर इंटरनेशनल के पास थी। उसने कंपनी को 2015 में 10 करोड़ पाउंड में खरीदा था। पिछले साल मीडिया में खबरें थी कि सी डॉट बैनर घाटे में चल रही हेमले को बेचने पर विचार कर रही है।

  2. हेमले की शुरुआत 1760 में लंदन से हुई थी। सऊदी अरब का शाही परिवार इसके प्रमुख ग्राहकों में शामिल है। ब्रेग्जिट की अनिश्चितताओं और यूके के कंज्यूमर कॉन्फिडेंस में गिरावट की वजह के हेमले की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

  3. 2017 में हेमले को 1.2 करोड़ पाउंड का घाटा हुआ था। हालांकि दुनिया भर में 11 अरब डॉलर की टॉय इंडस्ट्री में अभी भी हेमले का दबदबा है। इसके 129 स्टोर हैं। यूके के बाहर कंपनी का चीन, जर्मनी, रूस, भारत, दक्षिण अफ्रीका, मध्य-पूर्व और कुछ अन्य क्षेत्रों में कारोबार है।
     

  4. मार्केट रिसर्च फर्म आईएमएआरसी के मुताबिक 2018 में भारत में खिलौनों की इंडस्ट्री का वैल्यूएशन 1.5 अरब डॉलर था। 2011 से 2018 के बीच इसमें सालाना 15.9% (कंपाउंड) ग्रोथ दर्ज की गई। 

  5. बड़ी संख्या में युवा आबादी और मजबूत आर्थिक विकास को देखते हुए 2024 तक देश में खिलौनों का बाजार 3.3 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के टॉय मार्केट में फिलहाल फनस्कूल, लेगो, मेटेल और हेसब्रो प्रमुख ब्रांड हैं।

  6. पिछले कुछ सालों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिफायनिंग और पेट्रोकेमिकल्स के कोर बिजनेस से आगे बढ़कर अलग-अलग सेक्टर में विस्तार किया है। टेलीकॉम और रिटेल में रिलायंस ने अच्छी पकड़ बना ली है। रिलायंस की ई-कॉमर्स में आने की योजना भी है।

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