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2047 तक इंडियन इकोनॉमी 40 लाख करोड़ डॉलर की होगी:मुकेश अंबानी ने कहा- दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में होगा भारत

17 दिन पहले
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रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर (40 लाख करोड़ डॉलर) की इकोनॉमी वाला देश बन जाएगा।

इसके साथ ही भारत दुनिया की टॉप-3 इकोनॉमी वाले देशों में भी शामिल होगा। क्लीन एनर्जी रेवॉल्यूशन और डिजिटलाइजेशन इसे ड्राइव करेंगे। अंबानी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी (PDEU) की कन्वोकेशन सेरेमनी के दौरान यह बात कही हैं।

अडाणी से ज्यादा आशावादी अंबानी
देश की अर्थव्यवस्था के लिए मुकेश अंबानी का अनुमान, एशिया के सबसे अमीर आदमी गौतम अडाणी की तुलना में अधिक आशावादी है। अडाणी ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत 2050 तक बढ़ती खपत और सामाजिक-आर्थिक सुधारों से $30-ट्रिलियन इकोनॉमी वाला देश बन जाएगा। भारत फिलहाल अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा देश है।

तीन गेम-चेंजिंग रेवोल्यूशन
मुकेश अंबानी ने कहा कि तीन गेम-चेंजिंग रेवोल्यूशन आने वाले दशकों में भारत की ग्रोथ को कंट्रोल करेंगे। पहला क्लीन एनर्जी, दूसरा बायो-एनर्जी और तीसरा डिजिटल रेवोल्यूशन है। उन्होंने कहा, 'एक साथ यह तीन तरीकों से जीवन अकल्पनीय रूप से बदल जाएगा।

क्लीन एनर्जी रेवोल्यूशन और बायो-एनर्जी रेवोल्यूशन स्थायी रूप से एनर्जी प्रोड्यूस करेगी। डिजिटल रेवोल्यूशन हमें कुशलता से एनर्जी को कंज्यूम करने में सक्षम बनाएगी। तीनों रेवोल्यूशन मिलकर भारत और हमारे खूबसूरत प्लेनेट को जलवायु संकट से बचाएंगे।'

अंबानी ने कहा, 'भारत के भविष्य के लीडर्स के रूप में आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश ग्लोबल क्लीन और ग्रीन एनर्जी रेवोल्यूशन का नेतृत्व करे। इस मिशन में सफलता प्राप्त करने के 3 मंत्र हैं-थिंक बिग, थिंक ग्रीन और थिंक डिजिटल।'

माताजी और पिताजी से बड़ा कोई 'G' नहीं
वहीं मुकेश अंबानी ने छात्रों को सलाह दी कि 4G और 5G के युग में माताजी और पिता जी से बड़ा कोई भी 'G' नहीं है। उन्होंने छात्रों से कहा 'आजकल हर युवा 4G और 5G को लेकर उत्साहित है, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि इस दुनिया में 'माता जी और पिता जी' से बड़ा कोई 'G' नहीं है। वे ताकत और सपोर्ट के लिए आपके सबसे भरोसेमंद पिलर थे हैं और रहेंगे।'

5वीं बड़ी इकोनॉमी बना था भारत
बीते दिनों भारत ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बना था। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के मुताबिक, भारत साल 2021 के आखिरी 3 महीने में ब्रिटेन से आगे निकला। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की इकोनॉमी 854.7 अरब डॉलर रही। इसी अवधि में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 816 अरब डॉलर रही।

रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से ब्रिटेन ने पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का तमगा खो दिया। दूसरी ओर, भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी इकोनॉमी की लिस्ट में 11वें स्थान पर था, जबकि यूके 5वें स्थान पर था।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स प्रेसिडेंट हैं अंबानी
पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी (PDEU) गुजरात का पहली और एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जिसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिशन काउंसिल (NAAC) से हाइएस्ट ग्रेड 'ए' दिया गया है। अंबानी यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रेसिडेंट हैं।

वर्तमान में, 6,500 से ज्यादा स्टूडेंट और रिसर्च स्कॉलर अपने इंटरेस्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी में विंड, सोलर, बायो-फ्यूल, जियो-थर्मल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे रिन्यूएबल एनर्जी की पढ़ाई कर रहे हैं।