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901 से 10,001 का मंथली रेंटल प्लान:MSME के लिए रिलायंस जियो ने लॉन्च किया जियोबिजनेस, तेज वॉयस और डेटा सहित कई एंटरप्राइज सर्विस देगी

8 महीने पहले
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  • MS365, वन ड्राइव, जियो अटेंडेंस, जियोऑनलाइन, जियोमीट और MS टीम मुहैया कराएगी
  • सात अलग-अलग टैरिफ प्लान में रिलायंस डिजिटल के स्पेशल डिवाइस भी ऑफर करेगी

रिलायंस जियो ने बेहद छोटे, छोटे और मझोले उद्यमों (MSME) के लिए इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन 'जियोबिजनेस' लॉन्च किया है। कंपनी ने कहा है कि इस सॉल्यूशन को लॉन्च करने का मकसद MSME को कामकाज आसान बनाने और बड़ी कंपनियों से कॉम्पिटिशन करने में मदद करना है। जियोबिजनेस में कारोबार को विस्तार देने के लिए एंटरप्राइज ग्रेड की फाइबर कनेक्टिविटी के जरिए वॉयस और डेटा सर्विस दी जाएगी। इसका मंथली रेंटल प्लान 901 रुपए से 10,001 रुपए के बीच होगा।

MSME की लागत घटकर दसवें हिस्से तक रह जाएगी

जियो के डायरेक्टर आकाश अंबानी ने एक बयान में कहा, 'इंटीग्रेटेड डिजिटल सर्विस उपलब्ध नहीं होने और एडवांस एंटरप्राइज ऑफर यूज करने लायक जानकारी नहीं होने से MSME अपने कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। कनेक्टिविटी, प्रॉडक्टिविटी और ऑटोमेशन टूल के लिए उनको हर महीने 15,000 से 20,000 रुपए खर्च करना पड़ता है।' अंबानी ने कहा कि उनकी ये सभी जरूरतें दसवें हिस्से से भी कम खर्च में जियो की 1,000 रुपए मासिक से शुरू इस सर्विस से पूरी हो जाएंगी।

जियोबिजनेस में MSME को क्या-क्या मिलेगा?

जियोबिजनेस में ग्राहकों को अनलिमिटेड फाइबर ब्रॉडबैंड और वॉयस सर्विस के अलावा फिक्स्ड मोबाइल कनवर्जेंस सुविधा मिलेगी। उनको माइक्रोसॉफ्ट 365, आउटलुक ईमेल, वन ड्राइव, जियो अटेंडेंस, जियोऑनलाइन, जियोमीट और माइक्रोसॉफ्ट टीम जैसे डिजिटल सॉल्यूशन भी मिलेंगे। जियोबिजनेस के कस्टमर्स को सात अलग-अलग टैरिफ प्लान में रिलायंस डिजिटल के स्पेशल डिवाइस ऑफर मुहैया कराए जाएंगे।

विदेश में इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन के 1,000 डॉलर मंथली लगते हैं

मुकेश अंबानी ने अगस्त 2019 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कहा था कि कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझीदारी में SME को अनलिमिटेड एंटरप्राइज ग्रेड वॉयस और डेटा सर्विस, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सिक्योरिटी सॉल्यूशन, मार्केटिंग और सेल्स सॉल्यूशंस मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा था कि MSME को बिजनेस चलाने के लिए कनेक्टिविटी, प्रॉडक्टिविटी और ऑटोमेशन टूल के पैकेज पर 15,000 से 20,000 रुपए हर महीने खर्च करना पड़ता है। विदेश में तो ऐसी सर्विस का 1,000 डॉलर मंथली खर्च पड़ता है।

2024 तक 85 अरब डॉलर का हो जाएगा MSME का डिजिटाइजेशन मार्केट

जिनोव की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय MSME का डिजिटाइजेशन मार्केट 2019 में 30 अरब डॉलर का था। उसने इस बाजार के साल दर साल 25% बढ़ते हुए 2024 तक 85 अरब डॉलर का होने का अनुमान लगाया है। तब SME की संख्या बढ़कर 10.5 करोड़ तक पहुंच सकती है और उनमें से 90% में डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। अभी ऐसे SME का प्रतिशत 70% है।

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